MP Election 2023: पेड न्यूज़ पर निर्वाचन आयोग सख्त, खबरों पर रहेगी पैनी नजर, MCMC की बैठक में दिए गए निर्देश

MP Election 2023: पेड न्यूज़ पर निर्वाचन आयोग सख्त, खबरों पर रहेगी पैनी नजर, MCMC की बैठक में दिए गए निर्देश

MP Election 2023 : भारत निर्वाचन आयोग ने पेड न्यूज (Paid News) पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिय एगठित एमसीएमसी (MCMC) ही पेड न्यूज के संबंध में निर्णय लेगी। इसके लिये जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा अलग से एक मीडिया सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके जरिए 24 घण्टे इलेक्ट्रोनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारित होने वाली खबरों की छानबीन की जायेगी। MCMC प्रिंट मीडिया व सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर भी पैनी नजर रखेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी में MCMC की बैठक में दिए पेड न्यूज़ पर सख्ती के निर्देश 

बुधवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई मीडिया अनवीक्षण एवं प्रमाणन समिति (एमसीएमसी) की बैठक में समिति के सदस्यों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, बैठक में बताया गया कि पेड न्यूज साबित होने पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा संबंधित प्रत्याशी को नोटिस जारी किया जायेगा। नोटिस के जवाब का एमसीएमसी पुन: परीक्षण करेगी और पेड न्यूज साबित होने पर उसका खर्चा प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा।

इलेक्ट्रोनिक मीडिया की प्रचार सामग्री का होगा परीक्षण, जाँच के बाद मिलेगी प्रसारण की अनुमति 

एमसीएमसी की पहली बैठक में यह भी बताया गया कि मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण चुनाव प्रचार सामग्री की बारीकी से जाँच करने के बाद ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया से चुनावी प्रचार संबंधी कार्यक्रम व विज्ञापन पट्टियाँ प्रसारित करने की अनुमति दी जायेगी। इस जाँच में खासतौर पर यह देखा जायेगा कि इस प्रचार-प्रसार से आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा। इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर चुनाव-प्रचार संबंधी कार्यक्रम व क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके लिये राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण प्रचार सामग्री की कैसेट दिखानी होगी।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews