कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी की गोली लगने से मौत, हत्या या आत्महत्या पुलिस जांच में जुटी

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  ग्वालियर कलेक्ट्रेट में पदस्थ एक कर्मचारी की उसके घर में देर रात गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाँच पड़ताल के बाद शव को पीएम के लिए भिजवा दिया।  पुलिस का कहना है कि मौत गोली लगने से हुई है लेकिन ये हत्या है या आत्महत्या ये जाँच का विषय है।

ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के तृप्ति नगर में रहने वाले शासकीय कर्मचारी रविदत्त दुबे की बीती देर रात उनके घर पर गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक रविदत्त दुबे अपने परिवार के साथ सो रहे थे, तभी बीती रात करीब दो बजे परिजनों ने गोली चलने की आवाज सुनी वे दौड़कर बाहर भागे तो वहां रविदत्त दुबे खून से लथपथ पड़े थे। सूचना पर तत्काल पुलिस पहुंची, डॉक्टर को दिखाया डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएसपी रत्नेश सिंह तोमर का कहना हैं कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह साफ़ हो पायेगी।

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उधर मृतक रविदत्त दुबे के छोटे भाई ब्रह्मदत्त दुबे ने बताया कि रात को करीब दो बजे भतीजी का फोन आया था कि चाचा जल्दी आ जाओ पापा को किसी ने गोली मार दी हैं, मैं जल्दी से भाई साहब के घर पहुंचा तो पुलिस मौजूद थी , डॉक्टरों ने भाई साहब को मृत घोषित कर दिया था।  ब्रह्मदत्त ने बताया कि उनके बड़े भाई रविदत्त पीडब्ल्यूडी में सर्विस करते हैं लेकिन वर्तमान में कलेक्ट्रेट में पदस्थ थे वे विधानसभा क्रमांक 16 के प्रभारी थे।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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