
MP Employees News : मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। एमपी विधानसभा के मानसून सत्र के चलते 1 जुलाई से विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।हालांकि अति आवश्यक होने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव की अनुमति के बाद उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मिलेगी।बता दे कि मोहन यादव सरकार का यह पहला मानसून सत्र होगा।
1 से 19 जुलाई तक मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे कर्मचारी
- दरअसल, 1 जुलाई से मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरु होने जा रहा है, जो 19 जुलाई तक चलेगा, ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए सवाल और जवाब तैयार करने के लिए मुख्यालय में कर्मचारी और अधिकारी का रहना अनिवार्य होगा।
- विभाग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर समय-सीमा में प्रेषित करने के लिए समस्त जानकारी के साथ निरंतर कार्य स्थल के मुख्यालय पर उपस्थित रहें। अति आवश्यक होने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव की अनुमति के बाद ही उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मिलेगी। प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्राचार्य और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को हायर एजुकेशन ने निर्देश दिए हैं।
बायोमेट्रिक फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की भी तैयारी
- केन्द्र सरकार की तर्ज पर अब राज्य की मोहन यादव सरकार भी सभी सरकारी विभागों बायोमेट्रिक फेस अटेंडेंस सिस्टम सख्ती से लागू करने जा रही है। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था प्रदेश मुख्यालय से लेकर नीचे तक सभी विभागों के प्रत्येक कार्यालय में लागू की जाएगी।हाल ही में इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए है।
- आदेश में कहा गया है कि समस्त विभाग के अधिकारियों को मंत्रालय से लेकर मुख्यालय और जिला से लेकर तहसील कार्यालय तक कर्मचारियों की उपस्थिति की व्यवस्था लागू करनी होगी। इसके लिए आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) उपकरण क्रय किए जाएंगे।
- कर्मचारियों की EL और CL भी इसी प्रणाली के सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृति या खारिज की जाएगी। दिव्यांग कर्मचारियों की सुविधा के लिए इसमें अलग व्यवस्था होगी।

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Pooja Khodani
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.
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