जबलपुर: केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का दिखा अलग अवतार, लगाई पुलिसकर्मियों को फटकार, जाने कारण 

जबलपुर: केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का दिखा अलग अवतार, लगाई पुलिसकर्मियों को फटकार, जाने कारण 

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर (Jabalpur) के कलेक्ट्रेट सभागार में आज पी.एम केयर्स की बैठक हो रही थी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (Union Minister Prahlad Singh Patel) जबलपुर सांसद राकेश सिंह सहित अन्य विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। तकरीबन 1 घंटे तक बैठक चली और बैठक खत्म होने के बाद जब केंद्रीय मंत्री पटेल वापस लौटे तो उनका अलग रूप नजर आया। गुस्से में उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी फटकार लगा दी। अब आप सोच रहे होंगे आखिर इसक पीछे कारण क्या है? 

यह भी पढ़े… MP Election : पहली बार पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा निर्धारित, पढ़ें पूरी खबर

दरअसल, हुआ यह की जब मंत्री वापस आए तब अपनी गाड़ी के पास आए तो पोर्च से गाड़ी बाहर होने से नाराज दिखे। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने पूछा कि आखिर मेरी गाड़ी पोर्च से बाहर कैसे हो गई जिस जगह की गाड़ी खड़ी थी, वहाँ जबलपुर सांसद की गाड़ी कैसे खड़ी हो गई। केंद्रीय मंत्री पहलाद सिंह पटेल की नाराजगी उनके चेहरे को देखकर साफ झलक रही थी। बहरहाल इस घटना के बाद मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की पर नाराज केंद्रीय होती प्रह्लाद सिंह पटेल बिना कुछ बोले अपनी गाड़ी में बैठे और वहां से रवाना हो गए। आज हुई इस घटना के बाद से शहर में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।

[dgv_vimeo_video id=”715198954″]

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews