Jabalpur News : हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के बेटे सरताज का राइट हेंड गिरफ्तार

Jabalpur News : हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के बेटे सरताज का राइट हेंड गिरफ्तार

जबलपुर, संदीप कुमार। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक (Abdul Rajjak) जो वर्तमान में रासुका के चलते केंद्रीय जेल जबलपुर (Central Jail Jabalpur) में सजा काट रहा है, पुलिस (Jabalpur Police ) लगातार उसके साथियों और गुर्गों को गिरफ्तार करने में जुटी हुई है। पुलिस जहाँ रज्जाक के बेटे सरताज को दुबई से लाने की तैयारी कर रही है तो वहीं उन गुर्गों को भी गिरफ्तार कर रही है जो कि रज्जाक के साथ अपराधों में लिप्त थे

सरताज का राइट हेंड गिरफ्तार

अब्दुल रज्जाक को कोर्ट से छुड़ा लाने के लिए रज्जाक के बेटे सरताज ने दुबई से बैठे अपने राइट हेंड कमरुल ईबाद को जो काम दिया था वो तो हो नहिं सका अलबत्ता वह पुलिस की गिरफ्त में जरूर आ गया। एसआईटी ने कमरुल को घातक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। कमरुल के पास से पुलिस को एक रायफल, एक बंदूक व 20 कारतूस मिले हैं।  कमरुल ने कटनी जिले से लाइसेंस जारी करवाकर शस्त्र खरीदे थे।  बताया जा रहा है कि रज्जाक व उसके बेटे सरताज का कमरुल खास था जिसे एसआईटी ने छोटी ओमती स्थित घर पर दबिश देकर पकड़ा है।

ये भी पढ़ें – Bhopal : Shivraj Cabinet की बैठक खत्म, इन अहम फैसलों पर लगी मुहर

2017 को कटनी से बनवाया था कमरुल ने लायसेंस

एसआईटी को पूछताछ में पता चला है कि कमरुल इबाद ने कटनी से 9 नवम्बर 2017 को  शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत करवाया था,जिसके बाद उसने एक 12 बोर की गन व एक रायफल जबलपुर में रघुनाथ शस्त्रालय से 21 नवम्बर 2017 को खरीदी थी। इसके अलावा कमरुल ने 100 कारतूस भी खरीदे हैं  लेकिन पुलिस को मौके से 20 कारतूस मिले हैं, 80 कारतूसों के संबंध में एसआईटी द्वारा पूछताछ की जा रही है।

ये भी पढ़ें – “जूते” पर बवाल: युवा कांग्रेस ने जलाया भाजपा जिला अध्यक्ष का पुतला

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews