Jabalpur News : नर्मदा किनारे रेत उत्खनन और अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट की नाराजगी के बाद एक्शन में प्रशासन

कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार एक टीम गठित की गई है जो कि अब नर्मदा घाटों में 300 मीटर की दायरे में फैले 2008 के बाद जितने भी अवैध निर्माण हुए हैं उनकी जांच करेगी। टीम के द्वारा जांच करने के बाद यह रिपोर्ट मुझे दी जाएगी, फिर बाद में इस रिपोर्ट को मैं राज्य शासन को पेश करूंगा।
Jabalpur Collector Deepak Saxena

Jabalpur News : नर्मदा किनारे लगातार अवैध ना सिर्फ उत्खनन हो रहा है बल्कि अवैध निर्माण की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है लिहाजा इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए न सिर्फ नाराजगी जाहिर की है बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार भी लगाई है। यही वजह है कि अब इस मामले में प्रशासन एक्शन मूड में दिखाई दे रहा है।

कलेक्टर ने जाँच समिति गठित की 

हाई कोर्ट की फटकार के बाद अब जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने नर्मदा किनारे हो रहे अवैध निर्माण को संज्ञान में लेते हुए एक जांच टीम गठित की है। जांच टीम में एसडीएम, डीएसपी और खनिज अधिकारी को शामिल किया गया है। कलेक्टर ने सभी को निर्देश दिए हैं कि घाटों में अगर 300 मीटर की परिधि में जो भी अवैध निर्माण किए गए हैं उनकी जांच की जाए और उसके बाद फिर अगर जांच में अवैध पाया जाता है तो फिर उन निर्माण को तुरंत ही अलग की भी किया जाए।

निरीक्षण के बाद जन समिति सौंपेगी रिपोर्ट, फिर होगा एक्शन 

कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार एक टीम गठित की गई है जो कि अब नर्मदा घाटों में 300 मीटर की दायरे में फैले 2008 के बाद जितने भी अवैध निर्माण हुए हैं उनकी जांच करेगी। टीम के द्वारा जांच करने के बाद यह रिपोर्ट मुझे दी जाएगी, फिर बाद में इस रिपोर्ट को मैं राज्य शासन को पेश करूंगा, कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का यह भी कहना है कि किसी भी कीमत पर नर्मदा किनारे अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।

 जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews