मध्य प्रदेश में HPV टीकाकरण अभियान, 1 लाख से ज्यादा किशोरियों को लगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका

मध्य प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 14 वर्ष की 1 लाख से ज्यादा किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए HPV वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य करीब 8 लाख बालिकाओं तक यह सुरक्षा पहुंचाना है।
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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी पहल तेजी से आगे बढ़ रही है। एचपीवी टीकाकरण अभियान के जरिए हजारों किशोरियों को एक गंभीर बीमारी से बचाने की कोशिश की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर, जो महिलाओं में तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में शामिल है, उससे बचाव के लिए यह वैक्सीन बेहद अहम मानी जाती है।

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से अब तक प्रदेश में 1 लाख से अधिक 14 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को एचपीवी (HPV) का टीका लगाया जा चुका है। राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के मौके पर सामने आए इस आंकड़े ने अभियान को नई गति दी है। खास बात यह है कि मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जैसे जिलों ने इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

मध्य प्रदेश में HPV टीकाकरण अभियान की बड़ी उपलब्धि

मध्य प्रदेश में चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान अब धीरे-धीरे मजबूत होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक राज्य में 1 लाख से अधिक किशोरियों को HPV वैक्सीन दी जा चुकी है। यह टीका खास तौर पर 14 वर्ष की बालिकाओं को दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। यह बीमारी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर HPV वैक्सीन लग जाए तो इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही वजह है कि सरकार ने किशोरियों के लिए इस टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता दी है।

प्रदेश में यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य टीम स्कूलों में जाकर छात्राओं को टीका लगा रही हैं, वहीं जिन बालिकाओं का नाम स्कूल में दर्ज नहीं है उनके लिए गांवों और मोहल्लों में विशेष टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे हैं।

कैसे शुरू हुआ मध्य प्रदेश का HPV टीकाकरण अभियान

मध्य प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को की गई थी। इस जन-स्वास्थ्य पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। इसके बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से इसकी तैयारी शुरू की और जिलों में टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाने लगे।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। स्कूलों में छात्राओं की सूची तैयार की गई, अभिभावकों से सहमति ली गई और फिर चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण शुरू किया गया।

कई जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि HPV वैक्सीन क्यों जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को समझाया कि यह टीका उनकी बेटियों को भविष्य में होने वाले कैंसर से बचा सकता है।

ज़मीनी स्तर पर तेज रफ्तार

मध्य प्रदेश के कई जिलों ने एचपीवी टीकाकरण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जैसे जिलों ने इस अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग और स्कूल प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। स्कूलों की सूची तैयार की गई, टीकाकरण की तारीख तय की गई और मेडिकल टीमों को पहले से तैनात किया गया। इसके साथ ही अभिभावकों को भी अभियान के बारे में जानकारी दी गई, जिससे टीकाकरण में किसी तरह की झिझक या भ्रम न रहे।

क्या है HPV और क्यों जरूरी है इसका टीका

HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक ऐसा वायरस है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है। यह संक्रमण लंबे समय तक शरीर में बिना लक्षण के रह सकता है और धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक अगर किशोरावस्था में ही HPV वैक्सीन लग जाए तो यह वायरस के खतरनाक प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत सरकार दोनों ही किशोरियों के लिए HPV टीकाकरण को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।

सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। हर साल हजारों महिलाएं इस बीमारी का शिकार होती हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह कैंसर काफी हद तक रोकथाम योग्य है। नियमित जांच और HPV वैक्सीन से इसके खतरे को काफी कम किया जा सकता है।

8 लाख किशोरियों तक पहुंचे सुरक्षा कवच

मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की लगभग 8 लाख किशोरी बालिकाओं तक HPV वैक्सीन पहुंचाई जाए। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में टीकाकरण की रफ्तार और बढ़ाई जाएगी। स्कूलों के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और विशेष शिविरों के माध्यम से भी अधिक से अधिक बालिकाओं को टीका लगाया जाएगा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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