RBI की पंचायती राज फाइनेंस रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पंचायतों पर खर्च करने में दुसरे राज्यों से पीछे मध्य प्रदेश

RBI की पंचायती राज फाइनेंस रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पंचायतों पर खर्च करने में दुसरे राज्यों से पीछे मध्य प्रदेश

RBI’s Panchayati Raj Finance Report: देश की पंचायतों को मिल रहे खर्च के पैसों को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रिपोर्ट जारी की है। अपनी नई पंचायती राज फाइनेंस रिपोर्ट में मध्यप्रदेश समेत देश के कई राज्यों की पंचायतों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए है। जानकारी के अनुसार राजस्थान की पंचायतें, जो रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय संरचना के दृष्टि से स्थानीय नेतृत्व को महत्वपूर्ण बना रही हैं, इस बार भी दिखा रही है कि कैसे अपने वित्तीय संसाधनों का सही तरीके से प्रबंधन किया है।

बंगाल में एक पंचायत पर कर रहा 25 लाख रुपए खर्च:

रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल में एक पंचायत पर तकरीबन 25 लाख रुपए खर्च राज्य सरकार कर रही है, जबकि बिहार में यह खर्च केवल 63,000 रुपए हैं, जो 40 गुना कम है। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक पंचायत पर खर्च सिर्फ 3.92 लाख रुपए हैं, जो बाकी राज्य से कुल आंकड़ों में से कई ज्यादा कम है।

रिपोर्ट का एक और महत्वपूर्ण पॉइंट है कि देश में कुल 2,55,623 ग्राम पंचायतों को 95% से ज्यादा राजस्व केंद्र और राज्य सरकारों से अनुदान के रूप में मिलता है। इसके अलावा, देश की पंचायतें अपने राजस्व का महज 1.1% ही स्थानीय कर व अन्य शुल्क के जरिए जुटा पाती हैं।

मध्य प्रदेश की पंचायतों की दृष्टि से, यह रिपोर्ट स्थानीय स्तर चौंकाने वाला आंकड़ा उजागर करती है और राज्य की पंचायतों पर हो रहे खर्च को दिखाती है। रिपोर्ट ने साबित किया है कि मध्य प्रदेश की पंचायतों पर होने वाले खर्च बाकी राज्यों से कई अधिक कम है। जिससे मध्यप्रदेश में पंचायतों का विकास ग्राफ लगातार बिगड़ सकता है।

इसके अलावा, रिपोर्ट ने दिखाया है कि बंगाल की पंचायतें बिहार से 40 गुना ज्यादा खर्च कर रही हैं, जिससे यह उजागर होता है कि वहां की पंचायतें अपने विकास की दिशा में गंभीरता से काम कर रही हैं।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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