CM डॉ. मोहन यादव खजुराहो में करेंगे विभागों की समीक्षा, बुंदेलखंड विकास को मिलेगा नया रुख

बुंदेलखंड में विकास की नई दिशा तय करने के लिए खजुराहो में मोहन सरकार जुटी है। विभागों की समीक्षा और रणनीति पर मंथन से पर्यटन, स्थानीय रोजगार और समग्र विकास को मिलेगी मजबूती और नई गति।
Shri Mahakal Mahotsav Ujjain

CM Dr Mohan Yadav

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार CM डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार अपनी कैबिनेट बैठक और महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा के लिए राजधानी भोपाल से बाहर निकली है और सीधे छतरपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो पहुंची है। महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में दो दिन तक चलने वाला यह मंथन केवल एक साधारण बैठक नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश के विकास के लिए एक नया रोडमैप तैयार करने का संकेत है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहाँ मंत्रियों और विभागों के मुख्य सचिवों के साथ मिलकर राज्य की वर्तमान स्थिति, चल रही योजनाओं की प्रगति और भविष्य की विकास योजनाओं पर गहन चर्चा कर रहे हैं। इस खजुराहो मंथन का मुख्य उद्देश्य विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को ज़मीन पर उतारना है, और यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ राज्य के हर कोने, खासकर बुंदेलखंड तक पहुँचे।

खजुराहो में कैबिनेट की बैठक क्यों?

1. विकसित बुंदेलखंड पर फोकस

बुंदेलखंड, जिसमें छतरपुर, पन्ना और दमोह जैसे ज़िले शामिल हैं, हमेशा से पानी की कमी और पिछड़ेपन की चुनौतियों से जूझता रहा है। मोहन सरकार का यहाँ आकर मंथन करना यह दिखाता है कि सरकार अब इस क्षेत्र के विकास को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रख रही है। बुंदेलखंड के विकास की योजनाओं को अब केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि सीधे इस क्षेत्र की धरती पर बैठकर बनाया जा रहा है, ताकि ज़मीनी हकीकत को बेहतर समझा जा सके।

2. पर्यटन को नई उड़ान

खजुराहो एक विश्व धरोहर स्थल है, लेकिन पर्यटन के मामले में इसे और बेहतर बनाने की ज़रूरत है। मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और अधिकारियों का यहाँ आना, खजुराहो क्षेत्र के पर्यटन स्थलों जैसे रनेह फॉल, आदिवर्त संग्रहालय, और पन्ना टाइगर रिजर्व का दौरा करना, सीधे-सीधे इन क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। कैबिनेट की बैठक होने से खजुराहो के सभी होटल फुल हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसायियों को सीधा फायदा हुआ है।

3. विकसित मध्य प्रदेश का विकेन्द्रीकरण

यह बैठक इस बात का भी संकेत है कि अब मध्य प्रदेश विकास की योजनाओं का केंद्र सिर्फ भोपाल नहीं रहेगा। सरकार अब ज़मीनी स्तर से काम करना चाहती है और यह जानना चाहती है कि ज़िलों और क्षेत्रों की ज़रूरतें क्या हैं। सीएम समीक्षा के ज़रिए हर विभाग को यह संदेश दिया जा रहा है कि उन्हें अपनी योजनाओं को ज़िला स्तर पर लागू करने में तेज़ी लानी होगी।

छतरपुर को मिला 510 करोड़ का तोहफा

खजुराहो आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छतरपुर ज़िले के लिए एक बड़ी सौगात की घोषणा की है। उन्होंने 510 करोड़ 65 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। यह राशि ज़िले के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी और इससे यहाँ के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। इस भारी-भरकम राशि के कार्यों से यह साफ होता है कि सरकार बुंदेलखंड में विकास की रफ़्तार को कितना बढ़ाना चाहती है। यह दो दिवसीय मंथन केवल कैबिनेट बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य हिस्सा विभागीय समीक्षा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं मंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ बैठकर विभागों के काम की समीक्षा कर रहे हैं।

Bhawna Choubey
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