MP News: सिंधिया ने लिखा SAHARA के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गृह मंत्री को पत्र

MP News: सिंधिया ने लिखा SAHARA के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गृह मंत्री को पत्र

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister Jyotiraditya Scindia) ने मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Dr. Narottam Mishra) को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मुरैना जिले में चिटफंड कंपनी सहारा (SAHARA) के द्वारा पीड़ित हो रहे हजारों लोगों के दर्द को बयां करते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह गृहमंत्री से किया है।

यह भी पढ़े… एक बार फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जाने MP में कैसा रहा ईंधन का कारोबार

दरअसल, पिछले महीने 12 मार्च को सिंधिया मुरैना जिले के दौरे पर थे और इस दौरान बीजेपी के जिला मंत्री राजेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ों सहारा पीड़ित लोगों ने सिंधिया से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन (Memorandum of appeal) सौंपा था। ज्ञापन में लिखा गया था कि कैलारस, जोरा और सबलगढ़ के लगभग 2500 से ज्यादा निवेशकों ने सहारा इंडिया की विभिन्न स्कीमों में निवेश किया था और परिपक्वता (maturity) अवधि पूरी होने के बाद कंपनी ने अच्छे खासे ब्याज का लालच देकर निवेश कराया था। लेकिन अवधि पूरी हो चुकी है और कंपनी पैसा वापस नहीं लौटा रही है। सिंधिया ने गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को लिखे पत्र में राजेंद्र शुक्ला के साथ आए लोगों के द्वारा दिए गए ज्ञापन का उल्लेख किया है और वह पत्र भी गृह मंत्री को भेजा है। सिंधिया ने लिखा है कि “मैं अनुग्रहित होऊंगा, यदि उक्त संदर्भ में नियमानुसार कार्रवाई करेंगे और साथ ही की गई कार्यवाही से मुझे व आवेदक को अवगत कराएंगे।”

दरअसल, अकेले मुरैना जिले की ही बात करें तो सैकड़ों निवेशकों द्वारा कराई गई आधा दर्जन FIR सहारा के मालिक के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज है। एसपी आशुतोष बागरी ने सहारा संबंधी मामलों के लिए एक एसआईटी का भी गठन किया है, लेकिन इसके बाद भी अभी तक पुलिस कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं कर पाई है और कंपनी के कर्ताधर्ता खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में अब लोगों को उम्मीद है कि सिंधिया के पत्र पर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा प्रभावी कार्रवाई करेंगे और उन्हें उनका पैसा वापस मिल पाएगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews