मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत, धान ज्वार और बाजरा उपार्जन डेट बढ़ी, अब इतनी तारीख तक कर सकते है पंजीयन

केन्द्र सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्‍य 2300 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसान स्वयं के मोबाइल से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे।
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत,  धान ज्वार और बाजरा उपार्जन डेट बढ़ी, अब इतनी तारीख तक कर सकते है पंजीयन

MP Crops procurement 2024 :मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है।राज्य सरकार ने धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की डेट को आगे बढ़ा दिया है। अब किसान 14 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते है। केन्द्र सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्‍य 2300 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसान स्वयं के मोबाइल से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। किसानों को पंजीयन केंद्रों में लाइन लगाकर पंजीयन कराने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि बढ़ाकर अब 14 अक्टूबर तक कर दी गई है। पहले यह अवधि 4 अक्टूबर तक थी, जिसे किसानों की सुविधा के लिए और बढ़ाया गया है।  तिथि बढ़ने से अधिक से अधिक किसान पंजीयन करवा सकेंगे और समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकेंगे।राज्‍य सरकार द्वारा लगभग 46 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन की तैयारी की जा रही है।

अबतक 1.95 लाख किसानों ने कराया पंजीयन

28 सितंबर तक 1.95 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। समिति स्तरीय उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान राइस मिलर्स को दी जायेगी। इससे समय पर मिलिंग का कार्य होने के साथ ही परिवहन और भण्‍डारण व्‍यय में भी बचत होगी।किसानों को शीघ्र भुगतान एवं परिवहन व्‍यय को सीमित करने के लिये गोदाम स्‍तरीय केन्‍द्र स्‍थापित किए जायेंगे। केन्द्र सरकार द्वारा धान मिलिंग की समय-सीमा जून-2025 निर्धारित की गई है।

सोयाबीन उपार्जन के लिये 20 अक्टूबर तक पंजीयन, 25 से खरीदी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में प्राइस सपोर्ट स्कीम में सोयाबीन उपार्जन की प्रक्रिया को ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रारंभ कर दिया गया है। किसान सोयाबीन विक्रय के लिये आगामी 20 अक्टूबर, 2024 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं।पंजीकृत किसानों से सोयाबीन की खरीदी (उपार्जन) 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक की जायेगी। सोयाबीन उपार्जन के लिये 1400 केंद्र बनाये जायेंगे, जिनमें यथा संशोधन भी किया जा सकेगा। प्रदेश में किसानों से 13.68 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विटंल 4892 रूपये की दर से उपार्जन किया जायेगा। निर्धारित मात्रा से अधिक उपार्जन होने पर राज्य सरकार अपने स्तर पर सोयाबीन की खरीदी करेगी।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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