
MP Tourism: मध्य प्रदेश भारत का बहुत ही सुंदर राज्य है। जो अपनी संस्कृति और परंपरा के कारण हमेशा से ही पहचाना जाता रहा है। घूमने फिरने के लिए यहां एक से बढ़कर एक स्थान मौजूद है। मध्य प्रदेश में देखने के लिए आपको कई सारे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थान मिल जाएंगे।
फिलहाल सावन का महीना चल रहा है। ऐसे में अधिकतर लोग शिव मंदिर में जाकर भोलेनाथ की आराधना करते हैं। आज हम आपको इंदौर के पास स्थित एक महादेव मंदिर के बारे में बताते हैं जो बहुत ही प्रसिद्ध है। यह प्राचीन मंदिर में शामिल है और पहले बारिश का अनुमान यहां गोमुख से निकलने वाले जल को देखकर लगाया जाता था।
11वीं शताब्दी का है मंदिर
यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इसकी कारीगरी 11वीं 12वीं शताब्दी की दिखाई देती है। इस मंदिर को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित है। इस जगह को गरुड़ तीर्थ के नाम से पहचाना जाता है। अहिल्याबाई भी यहां पर आई थी और होलकर साम्राज्य की किताबों में इसका उल्लेख मिलता है। इस मंदिर में एक जल कुंड है जो यहां की सुंदरता में चार चांद लगाने का काम करता है।
ऐसा है इतिहास
गुटकेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर बारिश के आंकड़े को दर्शाने का काम भी करता है। सावन में जब अधिक बारिश हो जाती है तो यहां मौजूद गोमुख से निकलने वाले जल से शिवलिंग का अभिषेक होता है। जब इस गोमुख से जल निकलने लगता है तो माना जाता है कि पर्याप्त मात्रा में बारिश हो चुकी है। यहां पर नाग नागिन के जोड़े के दर्शन होने का भी खास महत्व माना गया है। मान्यताओं के मुताबिक गुटकेश्वर भगवान को पूछने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।
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