रतलाम: स्कूल के बॉयज टॉयलेट में मिला CCTV कैमरा, स्कूल मैनेजमेंट की दलील जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

रतलाम: स्कूल के बॉयज टॉयलेट में मिला CCTV कैमरा, स्कूल मैनेजमेंट की दलील जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

रतलाम, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) शहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यह मामला एक ऐसे स्कूल का है जहां बॉयज टॉयलेट में CCTV कैमरा पाए गए है। रिपोर्ट के मुताबिक बिना छात्रों की जानकारी के ST. Joseph Convent School के बॉयज टॉयलेट में सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल करवाए गए थे। जब छात्रों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत चाइल्ड लाइन और बाल आयोग की टीम से की। जिसके फौरन बाद टीम जांच के लिए पुलिस के साथ बाद जांच के लिए पहुंची।

यह भी पढ़े… Hop Oxo की नई इलेक्ट्रिक बाइक मचाएगी धूम, अग्रेसीव लुक और शानदार फीचर्स, लॉन्च की तारीख कर लें नोट

जांच के दौरान टॉयलेट में सीसीटीवी कैमरा पाया गया। जिसके बाद स्कूल मैनेजमेंट से पूछताछ की गई। चाइल्डलाइन प्रभारी प्रेम चौधरी मीडिया को जानकारी देते हुए कहा की, उनके पास शिकायत दर्ज की गई थी। जिसके बाद हमारी टीम नामली थाने से पुलिस को साथ लेकर जांच के लिए स्कूल पहुंची। पूछताछ के दौरान स्कूल मैनेजमेंट कहा कि टॉयलेट में बच्चे गंदी और आपत्तिजनक ड्राइंग बनाते थे। स्कूल के दीवारों और दरवाजों कुछ भी और किसी का भी नंबर लिख देते थे। इसी वजह से बॉयज टॉयलेट में कैमरे लगवाए गए।

चाइल्ड लाइन और बाल आयोग प्रभारी कहा कि, “वजह जो भी हो लेकिन टॉयलेट में कैमरा लगवाना छात्रों की प्राइवेसी का उल्लंघन करना है। जिसके लिए मैनेजमेंट को लिखित जवाब देना होगा। लिखित जवाब के बाद ही आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews