डॉक्टर को दिखाने बेटे के साथ जा रही बुजुर्ग महिला के साथ लूट, सड़क पर गिरने से मौत

डॉक्टर को दिखाने बेटे के साथ जा रही बुजुर्ग महिला के साथ लूट, सड़क पर गिरने से मौत

जबलपुर,संदीप कुमार। जबलपुर जिले में लॉकडाउन प्रभावी होने के बावजूद आरोपी अपराध कर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।   ताजा मामला जबलपुर शहर का है जहाँ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपनी बुजुर्ग माँ का इलाज करवाने डॉक्टर के पास जा रहे बुजुर्ग बेटे के साथ चलती बाइक पर लूट की गई।  घटना में बुजुर्ग महिला चलती बाइक से नीचे गिरी जिससे उसकी मौत हो गई।  खास बात यह है कि जिस जगह यह पूरी वारदात हुई वहां से चंद कदम दूर पुलिस की चैकिंग लगती है इसके बावजूद लुटेरे यह बड़ी घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।

ये भी पढ़ें – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कोरोना से निधन, कमलनाथ ने जताया शोक

अपने पुत्र के साथ बुजुर्ग महिला जा रही थी डॉक्टर के पास

घमापुर निवासी 82 साल की बुजुर्ग महिला अपने 62 साल के पुत्र के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर रांझी डॉक्टर के पास जा रही थी।  जैसे सतपुला के पास बाइक सवार पहुँचे तभी दो युवक उनके पास आए और बुजुर्ग महिला की चेन और कान के झुमके खींचने लगे इस दौरान महिला की साड़ी का पल्लू भी खिंचता चला गया जिसके मां बेटे मोटरसाइकिल से नीचे गिर गए।  इस घटना में बुजुर्ग महिला के सिर पर गंभीर चोट आई जिसे इलाज के लिए सतपुला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

ये भी पढ़ें – नरोत्तम का तंज- “देश की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाने वाला यह कमलनाथ वेरिएंट

अचानक बगल में पहुंचे आरोपी, दिया घटना को अंजाम 

जानकारी के अनुसार 82 साल की मां रानी मिश्रा को 62 साल के बेटे  दिनेश मोटर साइकिल से रांझी डॉक्टर के पास ले जा रहे थे तभी अचानक बाइक पर सवार होकर लुटेरे उनके करीब पहुंचे। पहले सोने की चेन और फिर कान का झुमका खींचा दिनेश मिश्रा जब तक कुछ समझ पाते तब तक दोनों मोटर साइकिल से अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर चुके थे. घटना के बाद पुलिस ने  मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews