राज्य के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, 31 जनवरी तक देना होगा संपत्ति का ब्योरा, वरना हो सकती है कार्रवाई, जारी हुए आदेश

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को फरवरी 2025 से पहले अपनी संपत्ति का ब्योरा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश भी जारी किया है।
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MP Govt Employees News: मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है।झारखंड, यूपी , बिहार और राजस्थान के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी कर्मचारी-अधिकारियों को फरवरी 2025 से पहले अपनी संपत्ति का ब्यौरा सौंपने का आदेश जारी किया है।कर्मचारियों को निर्धारित फॉर्मेट में अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी है।

सामान्य प्रशासन विभाग के जारी आदेश के अनुसार, सभी कर्मचारियों को 31 जनवरी 2025 तक अचल संपत्ति का ब्यौरा (1 जनवरी से दिसंबर 2024 की स्थिति तक) पेश करना होगा। इसमें कर्मचारियों को अपनी सैलरी, पद, जिला, और उनकी संपत्ति का पूरा विवरण देना होगा। यदि कोई कर्मचारी इस तय समय सीमा में संपत्ति का ब्योरा नहीं देता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों को निर्धारित फॉर्मेट में क्या क्या देना है डिटेल्स

  • वर्तमान में किस पद पर पदस्थ है, किस जिले में पदस्थ है और कितना वेतनमान मिल रहा है, आदि की जानकारी देनी होगी।
  • सरकारी नौकरी में आने से लेकर वर्तमान तक अपनी और परिवार के सदस्यों के नाम से कितनी अचल संपत्ति क्रय की गई।
  • अचल संपत्ति क्रय करते समय उसकी कीमत और वर्तमान की कितनी कीमत के बारें में भी बताना होगा ।
  • संपत्ति से कितनी आय प्राप्त होती है, इसकी भी जानकारी देनी होगी।
  • अबतक जो भी सम्पत्तियां आपके पास है वे खुद अर्जित की हैं या फिर पुश्तैनी हैं?
  • अगर कर्मचारी ने संपत्ति खुद अर्जित की है तो उसका भुगतान कैसे किया गया है?

MP के अलावा इन राज्यों के कर्मचारियों से भी मांगा है ब्यौरा

  • बिहार के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को 31 जनवरी चल- अचल संपत्ति का विवरण जिला प्रशासन को देना होगा। अखिल भारतीय सेवा के सभी पदाधिकारियों व राज्य में प्रतिनियुक्ति के आधार पर सेवारत केंद्रीय सिविल सेवा अथवा अन्य किसी सेवा के पदाधिकारियों और कर्मियों एवं राज्य सरकार के अधीनस्थ बोर्ड, निगम, सोसाइटी, पर्षद इत्यादि पर भी यह आदेश लागू है।
  • उत्तर प्रदेश के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को भी 31 जनवरी, 2025 तक अपनी चल-अचल संपत्ति के बारें में जानकारी देनी है।कार्मिक विभाग के आदेश के तहत सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2024 तक अर्जित अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से भरना होगा।अन्यथा1 फरवरी 2025 के बाद होने वाली विभागीय प्रमोशन समितियों की बैठकों में ऐसे अधिकारी-कर्मचारी के प्रमोशन पर विचार नहीं किया जाएगा।
  • राजस्थान के सभी विभागों के राज्य कर्मचारियों को अपनी अचल सम्पत्ति विवरण खुद के SSO-ID से लॉग इन करके राजकाज पोर्टल पर IPR MODULE द्वारा भरना होगा। 31 जनवरी को यह पोर्टल बंद हो जाएगा, जिसके बाद आप सम्पत्ति विवरण नहीं भर सकेंगे। यदि कोई अपनी अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन नहीं डालता है तो प्रशासनिक विभाग की ओर से उनको विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगी और उनकी वेतन वृद्धि पर भी विचार नहीं किया जा सकेगा। यह नियम प्रदेश के सभी बोर्ड, निगम और स्वायत्तशासी संस्थाओं,उपक्रमों के कर्मचारियों पर लागू होगा।
  • झारखंड के सरकारी कर्मियों (ग्रुप डी को छोड़कर) को भी चल और अचल संपत्ति का विवरण 28 फरवरी तक देना होगा। सभी सरकारी सेवक, ग्रुप डी को छोड़कर 28 फरवरी तक मानव संपदा प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से चल और अचल संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा, इसमें एक जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक का विवरण देना होगा।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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