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मध्य प्रदेश परिवहन विभाग का जनहितैषी फैसला, RC से बैंक का नाम हटाने अब नहीं काटने होंगे चक्कर, विभाग ने की नई प्रक्रिया चालू

Written by:Rishabh Namdev
Published:
मध्य प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत। अब गाड़ी से बैंक फाइनेंस हटाने के लिए RTO या बैंक जाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटो-अप्रूवल आधारित बना दिया है, जिससे लाखों लोगों का समय बचेगा और फर्जीवाड़ा रुकेगा।
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग का जनहितैषी फैसला, RC से बैंक का नाम हटाने अब नहीं काटने होंगे चक्कर, विभाग ने की नई प्रक्रिया चालू

वाहन पर लिए गए लोन को चुकाने के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से बैंक का नाम हटवाने की लंबी और थकाऊ प्रक्रिया अब खत्म हो गई है। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है, जिससे प्रदेश के लाखों वाहन मालिकों को बैंक और परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

नई प्रणाली के तहत, वाहन मालिक अब घर बैठे ही फाइनेंस हटवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह प्रक्रिया न केवल निशुल्क है, बल्कि ऑटो-अप्रूवल पर आधारित है, जिससे कुछ ही दिनों में डिजिटल RC खुद-ब-खुद अपडेट हो जाएगी।

पुरानी व्यवस्था की परेशानियां खत्म

अब तक वाहन मालिकों को लोन पूरा होने के बाद सबसे पहले बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना पड़ता था। इसके बाद इस एनओसी और अन्य दस्तावेजों के साथ RTO में आवेदन जमा करना होता था। इस पूरी प्रक्रिया में हफ्तों लग जाते थे। कई बार दलालों के चक्कर में पड़कर लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था। इसके अलावा, फर्जी बैंक एनओसी के मामले भी सामने आते थे, जिससे विभाग और वाहन मालिक दोनों को परेशानी होती थी।

कैसे काम करेगी नई ऑनलाइन व्यवस्था?

परिवहन विभाग द्वारा लागू की गई नई डिजिटल प्रणाली बेहद सरल और पारदर्शी है। वाहन मालिक को सिर्फ विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

आवेदन सबमिट होते ही सिस्टम अपने आप संबंधित बैंक के सेंट्रल सर्वर से वाहन के फाइनेंस से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करेगा। सत्यापन सफल होने के बाद आवेदन को एक सप्ताह तक जांच के लिए लंबित रखा जाएगा। इस दौरान अगर वाहन पर कोई कानूनी विवाद या अन्य बकाया नहीं पाया जाता है, तो सिस्टम आवेदन को स्वतः मंजूरी दे देगा।

डिजिटल RC से अपने आप हटेगा फाइनेंस

ऑटो-अप्रूवल मिलते ही वाहन के डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से बैंक का फाइनेंस स्वतः हटा दिया जाएगा। इसके बाद वाहन मालिक अपनी अपडेटेड डिजिटल आरसी को पोर्टल से डाउनलोड कर सकता है या उसका प्रिंट निकाल सकता है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और पूरी तरह पेपरलेस हो गई है। इससे न केवल फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी, बल्कि बैंक और परिवहन कार्यालयों पर काम का बोझ भी कम होगा।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में हर साल लगभग पांच लाख वाहन मालिक फाइनेंस हटाने के लिए आवेदन करते हैं। इस नई प्रणाली से इन सभी लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।