सूर्य नमस्कार कर स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का युवाओं ने लिया संकल्प  

सूर्य नमस्कार कर स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का युवाओं ने लिया संकल्प  

अशोकनगर, हितेंद्र बुधौलिया। राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) के अवसर पर शहर के युवाओं ने सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) और योगासन (Yoga) कर  स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।  जीनियस कोचिंग क्लासेस (Genius coaching classes) द्वारा विमानों के चबूतरा पहाड़ी खेड़ा रोड पर युवा जागृति समारोह का आयोजन किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन किया एवं सभी अतिथियों के साथ समस्त छात्र छात्राओं ने सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया, वरिष्ठ साहित्यकार सत्यनारायण सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार हितेन्द बुधौलिया एवं समाजसेवी जयमण्डल यादव ने संबोधित किया।

समारोह के मुख्यअतिथि अशोकनगर पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने  छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र के बारे में बताया एवं महिला सुरक्षा तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सत्यनारायण सक्सेना ने स्वामी विवेकानंद जी की  शिकागो यात्रा एवं धर्म संसद में दिए गए भाषणों के बारे में भी बताया।  कार्यक्रम में जयमंडल, रंजीत गुरुजी पतंजलि, राज्य प्रभारी मनेंद्र यादव,  रामस्वरूप चौधरी, योग प्रचारक धनपाल आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में शहर के वरिष्ठ पत्रकार हितेंद्र बुधौलिया ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के  विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शहर की प्रसिद्ध जीनियस कोचिंग क्लासेस (Genius coaching classes)न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपितु सामाजिक योग आध्यात्मिक आदि क्षेत्रों में युवाओं को निरंतर विगत 9 वर्षों से जागृत कर रही है। जीनियस कोचिंग क्लासेस (Genius coaching classes) के संचालक  राजीव यादव छात्रों को सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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