“दीदी का बहुत बड़ा अपराध है कि उन्होंने राहुल गांधी की बात..” संजय राउत का बड़ा बयान, ममता बनर्जी पर साधा निशाना

शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों पर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी को राहुल गांधी की बात न मानने का दोषी ठहराया और कहा कि इसी वजह से नतीजे बदले।
Sanjay Raut

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बड़ा और विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

संजय राउत ने सीधे तौर पर कहा कि यह ममता दीदी का बहुत बड़ा अपराध है कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बात नहीं मानी। राउत ने जोर देते हुए कहा कि अगर ममता दीदी ने राहुल गांधी के साथ बैठकर चुनावी रणनीति पर चर्चा की होती, तो पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के परिणाम निश्चित रूप से कुछ और ही होते। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने जो-जो बातें कही थीं, वे सभी सच साबित हुईं, जिससे उनकी दूरदर्शिता स्पष्ट होती है।

संजय राउत ने राहुल गांधी को बताया दूरदर्शी नेता

शिवसेना यूबीटी नेता ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया, जिनके पास देश की राजनीतिक दिशा को समझने का स्पष्ट विजन है। राउत ने आगे दावा किया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव परिणामों को “चोरी कर लिया गया” है। उन्होंने अपने इस दावे को पुष्ट करने के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण भी दिया। राउत ने याद दिलाया कि एक समय था जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में सत्ता में थी, लगभग सभी राज्यों में उनकी सरकारें थीं, लेकिन इसके बावजूद जनता ने उन्हें हरा दिया था। राउत ने भविष्यवाणी की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का भी यही हाल होने वाला है।

संजय राउत की भाजपा पर टिप्पणी

संजय राउत ने भाजपा की वर्तमान स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगता है कि पूरे देश में उनकी सत्ता स्थापित हो गई है और वे अब चक्रवर्ती सम्राट बन गए हैं। हालांकि, राउत ने इस धारणा को गलत बताते हुए एक प्रसिद्ध मुहावरे का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “जब-जब दीया बुझता है तो लौ बढ़ जाती है और फिर वो बुझ जाती है।” राउत के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी का भी यही हश्र होने वाला है, यानी उनकी वर्तमान चमक जल्द ही फीकी पड़ जाएगी।

हालांकि, संजय राउत के इन बयानों के विपरीत, पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे भाजपा के लिए ऐतिहासिक और शानदार रहे हैं। भाजपा ने सोमवार (04 मई) को हुए चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल करते हुए पूर्वी भारत के उस महत्वपूर्ण गढ़ में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, जहां एक दशक से अधिक समय तक वह अपने विस्तार के बावजूद सेंध नहीं लगा पाई थी। भाजपा ने कुल 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत हो गया।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव में निराशा हाथ लगी और वह महज 2 सीटों पर ही संतोष करने को मजबूर हुई। इसके अतिरिक्त, अन्य क्षेत्रीय पार्टियों में AJUP (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी) को 2 सीटें मिलीं, CPI(M) (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी) ने भी 2 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि AISF (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन) को 1 सीट मिली। इन नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया, और भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की, जबकि कांग्रेस और वामपंथी दल हाशिए पर चले गए। राउत के बयान इन नतीजों के बाद आए हैं, जो राजनीतिक हलकों में बहस का नया मुद्दा बन गए हैं।

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