नई दिल्ली: बारामती के पास हुए विमान हादसे में एनसीपी नेता अजित पवार की मौत के मामले में चल रही जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी तक सामने आ जाएगी। पुणे से सांसद और केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो रही है और इसकी हर जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
यह मामला पिछले कुछ समय से राजनीतिक रूप से भी गरमाया हुआ है, खासकर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के आरोपों के बाद। 28 जनवरी को हुए इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से ही इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
रोहित पवार ने लगाए थे साजिश के आरोप
शरद पवार के भतीजे और कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने इस दुर्घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने विमान कंपनी की कथित अनियमितताओं और तकनीकी गड़बड़ियों का दावा करते हुए इसमें साजिश की आशंका जताई थी।
मामले को और तूल देते हुए रोहित पवार ने शनिवार (21 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा। इस पत्र में उन्होंने मांग की कि जब तक दुर्घटना की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू को पद से इस्तीफा देने के लिए कहा जाए। उन्होंने पत्र में विमान कंपनी VSR और राममोहन नायडू की पार्टी (तेदेपा) के बीच संबंधों की स्वतंत्र जांच की भी मांग की। इस पत्र की एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी गई है।
“प्रारंभिक रिपोर्ट घटना के दिन से एक महीने के भीतर, 28 फरवरी को या उससे पहले जारी कर दी जाएगी। जांच से जुड़ी हर जानकारी सबके सामने रखी गई है और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। मैं किसी की भी टिप्पणी पर कुछ नहीं कहना चाहता।”- मुरलीधर मोहोल, केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री
DGCA पहले ही दे चुका है स्पष्टीकरण
पत्रकारों से बात करते हुए मुरलीधर मोहोल ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) इस मामले पर पहले ही एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चुका है। उन्होंने कहा, “एजेंसी द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी से पहले जारी कर दी जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय ने 19 फरवरी को ही स्पष्ट कर दिया था कि दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी करने का नियम है और उसका पालन किया जाएगा। मोहोल ने दोहराया कि जांच एक स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और इसमें किसी भी तरह के बाहरी दबाव की कोई गुंजाइश नहीं है।






