मध्य प्रदेश में अब मंदिर और धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था की धुरी भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में यह ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग के साथ-साथ देवस्थानों को जोड़कर विकास का एक नया मॉडल तैयार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन की सफलता के बाद अब प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हर क्षेत्र में विकास को गति दे रही है। इसी कड़ी में प्रदेश की पहचान बन चुके धार्मिक स्थलों को अर्थव्यवस्था से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।
टेंपल मैनेजमेंट के लिए अकादमिक कोर्स
सरकार ने इस योजना को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए एक अनूठी पहल की है। सीएम यादव ने बताया कि विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर टेंपल मैनेजमेंट (Temple Management) के लिए अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। विक्रम विश्वविद्यालय के माध्यम से इस क्षेत्र में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
इन कोर्स में मंदिरों की वित्तीय व्यवस्था, प्रशासन, सुरक्षा, धार्मिक अनुष्ठान, कला और ललित कला जैसे विषयों पर सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य मंदिर प्रबंधन को पेशेवर और रोजगारपरक बनाना है।
उज्जैन मॉडल पर विकसित होंगे 13 नए लोक
मुख्यमंत्री ने 2022 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बाद उज्जैन के महाकाल लोक की अभूतपूर्व सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन आज देश के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्रों में से एक बन गया है।
“मंदिर सदैव आस्था और श्रद्धा के केंद्र रहे हैं, लेकिन उनसे जुड़े वित्तीय और प्रबंधन पक्ष भी रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
इसी सफलता को दोहराते हुए प्रदेश में 13 नए लोक विकसित किए जा रहे हैं। इनमें ओंकारेश्वर, मय्यर की माताजी, ओरछा का राजाराम लोक और सलकनपुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इस विकास के साथ-साथ स्थानीय शिल्प कला को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाकाल की फाइबर प्रतिमा को हटाकर पत्थर और धातु की प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय इसी दिशा में एक कदम है, जिससे स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को काम मिल रहा है।
हेल्थ टूरिज्म और टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सिर्फ धार्मिक पर्यटन तक ही सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में मध्य प्रदेश हेल्थ टूरिज्म का भी एक बड़ा केंद्र बनेगा। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लेकर डिजिटल तकनीक तक हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है ताकि प्रदेश को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जा सके।
अपने इंदौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री एयरपोर्ट पर स्वामी यतींद्र गिरी जी महाराज से मिले। इसके बाद वे सीएचएल हॉस्पिटल भी पहुंचे, जहां उन्होंने एक प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं भाजपा नेत्री बिंदु चौहान से मुलाकात कर उनका हाल जाना।






