लगातार फर्जी बम धमकियों से दहलीज़ पर खड़े मुंबई को शनिवार देर रात एक बार फिर धमकी भरे ई-मेल मिले। इस बार निशाना बने नायर अस्पताल और सहार डोमेस्टिक एयरपोर्ट। नायर अस्पताल-कॉलेज के डीन के आधिकारिक मेल पर धमकी आई, जबकि एयरपोर्ट की वेबसाइट पर भी बम रखने की धमकी दी गई। इससे पहले गणेश विसर्जन के दौरान ही 400 किलो आरडीएक्स और 34 “ह्यूमन बम” वाली धमकी ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी थी। नए घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, नायर अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिलते ही परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत मुंबई पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने मौके पर पहुंचकर कई घंटों तक गहन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इस धमकी को फर्जी मानते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
मुंबई को फिर मिली बम धमकी
इसी बीच एयरपोर्ट प्राधिकरण को भी हवाई अड्डे की वेबसाइट पर धमकी भरा ईमेल मिला। इसमें दावा किया गया था कि एयरपोर्ट के टॉयलेट में बम रखा गया है। तत्काल प्रभाव से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया और बम निरोधक दस्ते ने एयरपोर्ट की पूरी छानबीन की। गहन जांच के बाद यहां भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। पुलिस का मानना है कि दोनों ही धमकियां शहर में दहशत फैलाने के लिए भेजी गई थीं।
इन घटनाओं ने 400 किलो आरडीएक्स वाली धमकी की याद ताजा कर दी। कुछ दिन पहले मुंबई ट्रैफिक पुलिस की व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर “लश्कर-ए-जिहादी” के नाम से संदेश मिला था, जिसमें दावा किया गया था कि 34 पाकिस्तानी आतंकवादी 400 किलो आरडीएक्स लेकर शहर में धमाके करने वाले हैं। इस मामले में नोएडा के रहने वाले 51 वर्षीय अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसने व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते यह फर्जी धमकी फैलाई थी। फिलहाल मुंबई पुलिस साइबर सेल की मदद से नायर अस्पताल और एयरपोर्ट पर आए धमकी मेल की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि हाल के महीनों में मंदिरों, स्कूलों और एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थलों को निशाना बनाकर कई फर्जी धमकियां दी जा चुकी हैं। इसी वजह से गणेश चतुर्थी के समापन अवसर पर शहरभर में 21,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।





