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मुंबई मेयर चुनाव: शिंदे के 29 पार्षद होटल में शिफ्ट, उद्धव ठाकरे के ‘देवा’ वाले बयान से सियासी पारा चढ़ा

Written by:Banshika Sharma
Published:
BMC मेयर पद को लेकर घमासान तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खरीद-फरोख्त के डर से अपने सभी 29 पार्षदों को होटल भेज दिया है, जबकि उद्धव ठाकरे के 'देवा' वाले बयान ने अटकलों को और हवा दे दी है। BJP और शिंदे गुट के बीच मेयर पद को लेकर खींचतान जारी है।
मुंबई मेयर चुनाव: शिंदे के 29 पार्षद होटल में शिफ्ट, उद्धव ठाकरे के ‘देवा’ वाले बयान से सियासी पारा चढ़ा

मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। नतीजों के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी BJP और उसके सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट के बीच खींचतान तेज हो गई है। इसी बीच, खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के एक फाइव-स्टार होटल में शिफ्ट कर दिया है।

हालांकि, शिंदे गुट की ओर से इसे पार्षदों के लिए एक ‘प्रशिक्षण सत्र’ और ‘रिफ्रेशमेंट’ बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे BJP के किसी भी संभावित दांव से अपने पार्षदों को बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शिंदे की इस कवायद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में भी शामिल नहीं हुए।

उद्धव के ‘देवा’ वाले बयान से बढ़ी अटकलें

इस पूरी सियासी हलचल के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक बयान ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है। चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी शिवसेना (UBT) के मुखिया ने कहा कि अगर ‘देवा’ की कृपा हुई तो मेयर उनकी पार्टी का भी हो सकता है।

“मुंबई में शिवसेना (उबाठा) का महापौर बनाना मेरा सपना है, और अगर देवा (ईश्वर) की कृपा रही तो यह सपना साकार होगा।” — उद्धव ठाकरे

ठाकरे के इस ‘देवा’ शब्द पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुटकी ली। उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि उद्धव ठाकरे का ‘देवा’ से मतलब मुझसे है या ऊपर बैठे भगवान से। फडणवीस ने कहा, “मुझे भी ‘देवा’ कहा जाता है, इसलिए मैं पूछ रहा हूं।”

ढाई-ढाई साल के मेयर पद पर अड़ा शिंदे गुट

सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट के सभी पार्षद अगले 3-4 दिनों तक होटल में ही रहेंगे। उनसे पार्टी के प्रति वफादारी के एक कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए हैं। शिंदे खेमे के एक नेता ने कहा कि भले ही उनकी सीटें कम हैं, लेकिन वे सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका में हैं।

उन्होंने कहा, “हम मेयर पद का बंटवारा ढाई-ढाई साल के लिए चाहते हैं। जब बिहार में कम सीटों के बावजूद नीतीश कुमार दशकों तक मुख्यमंत्री रह सकते हैं, तो मुंबई में मेयर का पद शिवसेना को क्यों नहीं मिल सकता।”

‘जैसी करनी, वैसी भरनी’: UBT का तंज

शिंदे गुट के इस कदम पर उद्धव ठाकरे की सेना ने तंज कसा है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि ‘जैसी करनी, वैसी भरनी’ वाली कहावत याद आ रही है। उन्होंने कहा, “शिंदे ने दूसरी पार्टी तोड़कर सत्ता हासिल की, अब उन्हें डर है कि वही खेल उनके साथ न हो जाए। यह कदम दिखाता है कि सरकार में सहयोगी होने के बावजूद उन्हें BJP पर भरोसा नहीं है।”

फडणवीस के दावोस से लौटने का इंतजार

इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मेयर का फैसला वह एकनाथ शिंदे और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर करेंगे। उन्होंने पार्षदों की किसी भी तरह की भगदड़ की खबरों को खारिज किया। हालांकि, मेयर पद पर जारी खींचतान के बीच फडणवीस स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए रवाना हो गए हैं। उनके साथ शिंदे के करीबी मंत्री उदय सामंत भी गए हैं। माना जा रहा है कि 23 जनवरी को फडणवीस के लौटने के बाद ही मुंबई के मेयर पर अंतिम फैसला होगा।