
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच के लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री और आईटी मंत्रालय को पत्र लिखा है। सांसद ने अपने पत्र को सोशल मीडिया पर भी साझा किया और कहा कि यह चिट्ठी उन्होंने एक सांसद के रूप में नहीं बल्कि एक नागरिक के तौर पर लिखी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में वह उस भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं, जिसने दुनिया के मंच पर पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने वाले देश के रूप में बेनकाब किया। ऐसे में भारत का पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार को लिखा पत्र
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पत्र में बीसीसीआई और खेल मंत्रालय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एशिया कप और पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भारत की भागीदारी से गहरी निराशा हुई है। सांसद के अनुसार, खेल भावना का बहाना बनाकर पाकिस्तान जैसे आतंक प्रायोजक देश के साथ मैच खेलना नैतिक साहस की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब देश लगातार सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है, तब पाकिस्तान के साथ खेलना देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
सांसद ने अपने पत्र में इतिहास के कई उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि दुनिया ने हमेशा सिद्धांत को खेल से ऊपर रखा है। रंगभेद के दौर में दक्षिण अफ्रीका का बहिष्कार, ओलंपिक खेलों का बहिष्कार और हाल ही में पाकिस्तान की हॉकी टीम का भारत में एशिया हॉकी कप खेलने से इनकार इसका प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाया कि 1990-91 में भी भारत-पाक तनाव बढ़ने पर पाकिस्तान ने एशिया क्रिकेट कप का बहिष्कार किया था। ऐसे में भारत को भी यही कदम उठाना चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि भारत के लोग ऐसा मैच नहीं देखना चाहते, जो 140 करोड़ नागरिकों के दर्द और आक्रोश पर आधारित होकर व्यावसायिक लाभ कमाए। उन्होंने कहा कि जब हमारे जवान सीमा पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ शहीद हो रहे हैं, तब सरकार द्वारा क्रिकेट मैच का लाइव प्रसारण करना इस त्रासदी को सामान्य बनाने जैसा है। सांसद ने सरकार से अपील की कि राष्ट्रीय हित और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत-पाकिस्तान मैच की लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेबसाइट और ऐप पर रोका जाए।
