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महाराष्ट्र चुनावों में गलत डेटा साझा करने पर संजय कुमार के खिलाफ केस, सियासी घमासान तेज

Written by:Neha Sharma
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भारतीय चुनावी राजनीति पर अक्सर विश्लेषण देने वाले लोकनीति-सीएसडीएस के सह-निदेशक और मशहूर चुनाव विश्लेषक संजय कुमार मुश्किल में फंस गए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर गलत डेटा साझा किया था।
महाराष्ट्र चुनावों में गलत डेटा साझा करने पर संजय कुमार के खिलाफ केस, सियासी घमासान तेज

भारतीय चुनावी राजनीति पर अक्सर विश्लेषण देने वाले लोकनीति-सीएसडीएस के सह-निदेशक और मशहूर चुनाव विश्लेषक संजय कुमार मुश्किल में फंस गए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर गलत डेटा साझा किया था, जिसके बाद नासिक के जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनके खिलाफ पहला केस दर्ज कराया है। यह मामला देवलाली विधानसभा सीट से जुड़े गलत डाटा को लेकर दर्ज हुआ है। आरोप है कि संजय कुमार द्वारा साझा किए गए आंकड़े विपक्ष के “वोट चोरी” के नैरेटिव को बल देते थे। वहीं, चुनाव आयोग पहले ही राहुल गांधी और विपक्ष द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को खारिज कर चुका है।

संजय कुमार के खिलाफ केस

नासिक जिला चुनाव कार्यालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर संजय कुमार के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी दी। पोस्ट में बताया गया कि संजय कुमार ने लोकसभा-2024 और महाराष्ट्र विधानसभा-2024 के लिए देवलाली सीट के मतदाताओं की संख्या को लेकर भ्रामक जानकारी साझा की। आयोग ने साफ कहा कि सभी नागरिक केवल चुनाव आयोग की वेबसाइट से ही जानकारी को सत्यापित करें। संजय कुमार ने अपनी पोस्ट में कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में अचानक कमी और बढ़ोतरी पर सवाल उठाए थे। हालांकि बाद में उन्होंने दो दिन के भीतर अपनी पोस्ट हटाई और सार्वजनिक माफी भी मांगी।

इस विवाद के बीच बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष सुनियोजित तरीके से “फेक नैरेटिव” गढ़कर चुनावी प्रक्रिया को संदेहास्पद बनाने की कोशिश कर रहा था। संजय कुमार के ट्वीट को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और इसे “वोट चोरी” के झूठे प्रचार को बढ़ावा देने की साजिश बताया। हालांकि कुमार ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनकी टीम से आंकड़ों की तुलना करने में गलती हो गई थी। उन्होंने अपनी पुरानी पोस्ट हटाकर माफी मांगी और माना कि उनका दावा भ्रामक था।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग लगातार मतदाताओं और नागरिकों से अपील कर रहा है कि वे चुनाव संबंधी किसी भी जानकारी को केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। आयोग का मानना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक आंकड़े फैलाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, संजय कुमार पर दर्ज हुई यह एफआईआर भविष्य में चुनाव विश्लेषकों और डेटा विशेषज्ञों के लिए एक सख्त संदेश है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील आंकड़ों पर बिना प्रमाण दावे करना गंभीर परिणाम ला सकता है।