
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्ताधारी NDA गठबंधन में तनाव बढ़ गया है। पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में मुस्लिम महिलाओं द्वारा नमाज अदा करने के बाद भाजपा की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने हिंदू संगठनों के साथ मिलकर गोमूत्र छिड़ककर शुद्धिकरण समारोह किया। इस घटना ने गठबंधन के सहयोगी दलों, शिवसेना और NCP, को नाराज कर दिया है। दोनों दलों ने भाजपा से अपनी सांसद पर लगाम लगाने की मांग की है, साथ ही इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
NCP प्रवक्ता रूपाली पाटिल थोम्ब्रे ने भाजपा सांसद के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कुलकर्णी का यह कदम सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश है, जो पुणे की सौहार्दपूर्ण हिंदू-मुस्लिम एकता के खिलाफ है। NCP का मानना है कि यह घटना स्थानीय चुनावों से पहले अल्पसंख्यक समुदाय को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। थोम्ब्रे ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग के साथ आंदोलन भी शुरू किया।
शिवसेना ने की भाजपा की आलोचना
शिवसेना ने भी इस मामले में भाजपा की आलोचना की है। शिवसेना नेता नीलम गोरहे ने कहा कि शनिवार वाड़ा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक है, और इसके नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार में होने का मतलब नियम तोड़ने की छूट नहीं है। इसके अलावा, कुलकर्णी ने शनिवार वाड़ा के पास एक मज़ार और दरगाह को हटाने का अल्टीमेटम भी दिया, जिससे विवाद और गहरा गया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद
कांग्रेस ने इस शुद्धिकरण समारोह को हास्यास्पद करार देते हुए तंज कसा है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि शनिवार वाड़ा कोई धार्मिक स्थल नहीं है और वहां मौजूद दरगाह पेशवा काल से है, जिस पर कभी आपत्ति नहीं हुई। उन्होंने भाजपा की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के कृत्य जनता को उनकी रूढ़िगत सोच का पता लगाने में मदद करेंगे। इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
