मंदसौर में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, तीन नए पॉजिटिव केस मिले

मंदसौर में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, तीन नए पॉजिटिव केस मिले

मंदसौर। तरुण राठौर|  कोरोना संक्रमण (Corona virus) से शांत चल रहे मंदसौर (Mandsaur) में एक बार फिर खलबली मची है। 7 मई को जहां कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive)  52 चल रहे थे और 7 मई को आई सैम्पल रिपोर्ट में कुछ रिपोर्ट पॉजिटिव और कुछ पुरानी रिपोर्ट नेगेटिव आने से 52 का आंकड़ा बढ़ने की जगह 51 हो गया था, तो मंदसौर प्रशासन के साथ-साथ मंदसौर नगर के लोगों ने भी राहत की सांस ली थी| लग रहा था कि अब 51 का यह आंकड़ा धीरे-धीरे कम होने लगेगा और हुआ भी कुछ ऐसा ही। 8 मई, 9 मई, 10 मई को आई सेम्पलों की रिपोर्ट में एक भी पॉजेटिव नहीं निकला। नए पॉजिटिव नहीं आने से धीरे-धीरे बाजार भी खुलने लग गया था और दुकानदारों को छूट भी मिलने लगी थी और लग रहा था कि “हम जीतेंगे और कोरोना हारेगा।” लेकिन आज 11 मई सोमवार को आई नई रिपोर्ट में 3 नए पॉजिटिव मिले और मंदसौर का घटता हुआ कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 54 पर पहुंच गया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ ऋषभ गुप्ता ने बताया कि आज सोमवार 11 मई को 35 सेम्पलों की रिपोर्ट आई है। इन 35 रिपोर्ट में 29 नेगेटिव रिपोर्ट, 3 पॉजेटिव रिपोर्ट है। 1 सेम्पल रिजेक्ट हुआ है तथा 2 सेम्पल अण्डर प्रोसेस है। 3 पॉजेटिव बढ़ने के साथ ही अब आंकड़ा 51 से 54 हो गया है। इन 3 पॉजिटिव में एक महिला, एक पुरूष और एक बच्ची है तथा यह तीनों ही गुदरी कसाईवाड़ा क्षेत्र के है।

मंदसौर में अब तक कुल पॉजिटिव 54 जिसमें 7 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौटे है, 4 की मौत हुई है, 43 मरीजों का ईलाज चल रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews