मंदसौर कलेक्टर के नाम से बनी फर्जी फेसबुक आईडी, प्रशासन ने जनता से की सतर्क रहने की अपील

मंदसौर जिला प्रशासन द्वारा जनता को साइबर ठगी से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दरअसल, जिला कलेक्टर दिव्यांक सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी सामने आई है। ऐसे में लोगों से कहा गया है कि किसी भी प्रकार का लेनदेन या जरूरी जानकारी का आदान प्रदान इस तरह की फर्जी आईडी या नंबर पर ना करें।
Mandsaur

मंदसौर जिले के कलेक्टर दिव्यांक सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने का मामला सामने आया है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा इस संबंध में जानकारी दी गई है। लोगों को इस बारे में भी सचेत किया गया है कि अगर कोई इस आईडी के जरिए पैसों की मांग करता है, तो उस पर विश्वास ना करें।

जैसे ही जिला प्रशासन के सामने ये जानकारी आई कि फर्जी आईडी बनाई गई है। तुरंत ही आम जनता को सूचित किया गया और सतर्क रहने की अपील की गई। इस आईडी में एक मोबाइल नंबर भी दिया गया है जो कलेक्टर का आधिकारिक नंबर नहीं है।

मंदसौर कलेक्टर की फर्जी आईडी

कलेक्टर कार्यालय के X अकाउंट के जरिए एक प्रोफाइल की तस्वीर शेयर की गई है। जिसमें कलेक्टर दिव्यांक सिंह की तस्वीर और नाम दिखाई दे रहा है। इसे शेयर करते हुए लिखा गया है कि ‘कोई भी व्यक्ति कलेक्टर की फेसबुक या व्हाट्सएप नंबर पर राशि ना भेजें। मोबाइल नंबर 7838116357 पर किसी भी तरह की जानकारी ना भेजें। जिले के कलेक्टर के नाम और फोटो का दुरुपयोग पर फर्जी आईडी बनाने का मामला सामने आया है।’

आगे यह भी कहा गया है कि ‘यह स्पष्ट किया गया है कि उक्त नंबर और फेसबुक प्रोफाइल कलेक्टर महोदय की आधिकारिक आईडी नहीं है। कोई भी व्यक्ति ऐसे किसी भी व्हाट्सएप नंबर या संदिग्ध फेसबुक आईडी से प्राप्त फ्रेंड रिक्वेस्ट, संदेश या किसी प्रकार की धनराशि या व्यक्तिगत जानकारी संबंधी मांग पर विश्वास ना करें।

तत्काल पुलिस को करें सूचित

यह भी कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति को इस प्रकार का संदेश मिलता है, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को दें। कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने नागरिकों से सोशल मीडिया का सावधानी से उपयोग करने और किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा न करने की अपील की है।

कुछ दिनों पहले संभाला पदभार

बता दें कि कलेक्टर दिव्यांक सिंह को कुछ दिनों पहले ही मंदसौर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वह 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 24 मई 1991 को जन्में सिंह ने आईआईटी गांधीनगर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। UPSC परीक्षा में अपने पहले प्रयास में वो 771 रैंक के साथ IPS अधिकारी बने। हालांकि वो यहीं नहीं रुके और वापस परीक्षा देकर 2017 बैच के IAS अधिकारी बने।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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