राष्ट्रपति पदक प्राप्त अद्रिका गोयल का कमिश्नर एवं कलेक्टर ने किया सम्मान

राष्ट्रपति पदक प्राप्त अद्रिका गोयल का कमिश्नर एवं कलेक्टर ने किया सम्मान

मुरैना। संजय दीक्षित।

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अद्रिका गोयल को चंबल कमिश्नर रेणु तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया। शुक्रवार को बालिका दिवस के अवसर पर टाउन हॉल में आयोजित समारोह में श्रीमती रेणु तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं, इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने की। इस समारोह में सामूहिक नृत्य सहित अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।

अद्रिका गोयल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की ब्रांड एम्बेसेडर भी है। आपको बता दें कि मुरैना में हिंसा के दौरान आंदोलनकारियों द्वारा ट्रेन को रोक कर आगजनी व पथराव शुरू कर दिया गया था। उस दौरान जब अद्रिका गोयल ने ये खबर टीवी पर देखी तो वो बाहर निकली और ट्रेन में फंसे लोगों को खाना व पानी उपलब्ध कराया। इस बहादुरी के लिये पिछले साल अद्रिका को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया था। आज बालिका दिवस समारोह में फिर अद्रिका की बहादुरी को याद किया गया और बेटियों से खचाखच भरे टाउन हॉल में चम्बल कमिश्नर श्रीमती रेणु तिवारी ने कहा कि आज के समय में बच्चियों को इसी तरह बहादुर और साहसी बनाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि समाज में लड़कियों को पूरी तरह सशक्त करने के लिये कई सरकारी योजनाएं चल रही हैं जिनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने कहा कि बेटियों का केवल एक दिन नहीं होता बल्कि हर दिन पर और हर अवसर पर उनका समान अधिकार है। इस कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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