चम्बल में डकैतों की दस्तक, तीन जिलों की पुलिस पार्टी रवाना

चम्बल में डकैतों की दस्तक, तीन जिलों की पुलिस पार्टी रवाना

मुरैना, संजय दीक्षित| चम्बल (Chamabal) अंचल में एक बार फिर से डकैतों की आवाजाही शुरू हो गयी हैं। कुछ समय पहले डकैतों के आंतक का खात्मा हो गया था लेकिन फिर से चम्बल अंचल में डकैतों का आतंक शुरू हो गया हैं। अभी हाल में ही राजस्थान (Rajasthan) का रहने वाला एक लाख बीस हजार रुपए का इनामी डकैत केशव गुर्जर की चंबल के बीहड़ों में आशंकाएं बढी है।

तीन दिन पहले राजस्थान पुलिस और डकैत केशव गुर्जर से राजस्थान के चंबल के बीहड़ों में मुठभेड़ हुई थी। जिसमें केशव गुर्जर के कुछ साथी घायल हो गए थे लेकिन डकैत केशव सिंह गुर्जर मोके का फायदा उठाकर फरार हो गया। राजस्थान पुलिस को आशंका है कि अब डकैत केशव सिंह गुर्जर मुरैना जिले की चंबल के बीहड़ इलाके में छुप सकता है। इस संबंध में राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने चंबल आईजी मनोज शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि मुरैना जिले की चंबल सीमा से लगे सभी थानों में अलर्ट जारी कर दिया है।

चंबल आईजी मनोज शर्मा ने बताया कि डकैत केशव सिंह के अलावा 60 हजार का इनामी डकैत गुड्डा गुर्जर भी पहले पहाड़गढ़ इलाके में दस्तक दे चुका है। इसकी भी खोजबीन जारी हैं। उसने कुछ दिन पहले मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के साथ मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दिया था।डकैत गुड्डा गुर्जर इससे पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है । लेकिन अभी राजस्थान और मध्यप्रदेश पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस संयुक्त अभियान चला रही है। दोनो की गिरफ्तारी के लिए ग्वालियर, श्योपुर और मुरैना जिले की पुलिस जंगल में सर्चिंग कर रही है।बहुत जल्द ही चम्बल अंचल के लोगों को डकैतों के आतंक से मुक्ति मिलेगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews