वीडियो कॉल से कलेक्टर ने चैक की अटेंडेंस, बहाने सुनकर लगाई फटकार, लापरवाह कर्मचारियों को किया निलंबित

वीडियो कॉल पर पटवारी ने कहा वो केवाईसी कर रहा है कलेक्टर ने कहा अभी तो तुम नहाये भी नहीं हो, घर पर ही हो, ऐसा लग रहा सोकर उठे हो, लोकेशन दिखाओ किसकी केवाईसी कर रहे हो, बहाना सुनकर बोले इसे सस्पेंड करो आदेश बनाओ।
Morena Collector Lokesh Kumar Jangid

मुरैना के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ अपनी कार्यशैली के लिए खासे चर्चित हैं , कड़क औरअनुशासित कलेक्टर  नियमानुसार काम को प्रथमिकता देते हैं, शासन के नियमों का पालन या फिर आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारी अधिकारी उनके निशाने पर रहते है, ऐसे ही 10 कर्मचारियों को आज निलंबन की सजा मिली है।

मुरैना कलेक्टर का आज एक खास अंदाज जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है लोग उनके इस अवतार को अनिल कपूर की फिल्म नायक वाल अवतार कह रहे हैं, कलेक्टर ने पटवारियों और सचिवों की ऑनलाइन हाजिरी जांची और उनके बहाने सुनने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया।

वीडियो कॉल से चैक की कर्मचारियों की लोकेशन 

मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने आज सोमवार को टीएल बैठक के दौरान उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों के अलावा सभी तहसीलदारों और जनपद पंचायत सीईओ को वीडियो कॉल पर जोड़ा और उनसे बात की इसी दौरान कलेक्टर ने पटवारियों , सचिवों और अन्य कर्मचारियों को वीडियो कॉल कर उनकी लोकेशन पूछी।

बहाने सुनकर नाराज हुए कलेक्टर 

अचानक वीडियो कॉल पर कलेक्टर को देखकर कर्मचारी हडबडा गए, घर में बैठा कर्मचारी केवाईसी कराने की तो कोई कर्मचारी रास्ते में , तो कोई अन्य शासकीय कार्य करना बताने लगा लेकिन जब कलेक्टर ने लोकेशन दिखाने के लिए कहा तो सच सामने आ गया जिसके बाद कलेक्टर ने ऐसे लापरवाह 10 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।

11 से 1 बजे तक पंचायत में रहने का है आदेश 

आपको बता दें कलेक्टर ने आदेश दिया है कि सोमवार से गुरुवार सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक पटवारी को पंचायत में बैठना है उसे बाद फील्ड में जाना है लेकिन कलेक्टर को इस आदेश के उल्लंघन की शिकायत मिल रही थी जिसके बाद उन्होंने आज रेंडमली चैक किया जिसमें लापरवाही सामने आ गई जिसकी सजा पटवारियों को निलंबन के रूप में मिली।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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