मुरैना जिले के नाका गांव में पुलिस ने नकली शराब बनाने वाले बड़े प्लांट का भंडाफोड़ किया है। माता बसैया थाना पुलिस की टीम ने बीहड़ इलाके में आसन नदी के किनारे छापेमारी कर सात आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस छापेमारी में 1000 लीटर अवैध शराब और 600 लीटर स्प्रिट बरामद हुआ।
आरोपितों के पास से 12 बोर की राइफल और चार कारतूस भी मिले। शुरुआती जांच में पता चला है कि नकली शराब ग्रामीण क्षेत्रों में खपाई जा रही थी और इसे आबकारी विभाग की असली शराब के कार्टन में पैक करके बाजार में भेजा जाता था। इस मामले में आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नकली शराब प्लांट की पूरी जानकारी
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नकली शराब प्लांट बीहड़ इलाके में असली शराब जैसी पैकिंग के साथ काम कर रहा था। आरोपितों ने स्प्रिट और अन्य केमिकल का उपयोग करके शराब तैयार की और उसे ग्रामीण इलाकों में बेचने का नेटवर्क बनाया।
बरामद सामग्री
- 1000 लीटर अवैध शराब
- 600 लीटर ओपी (स्प्रिट)
- 12 बोर राइफल और चार कारतूस
- नकली शराब पैक करने के लिए कार्टन
आरोपितों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
माता बसैया थाना पुलिस ने सात आरोपितों को मौके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ जारी है और जल्द ही उनके नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। इसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि नकली शराब का व्यापार किस हद तक फैल चुका था।
ग्रामीण इलाकों में नकली शराब का खतरा
अवैध शराब के सेवन से लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। नकली शराब में स्प्रिट और अन्य केमिकल मिलाने से यह अत्यंत हानिकारक बन जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे असली शराब के नाम पर बेचने से कई बार लोगों की मौतें भी हो चुकी हैं। इस छापेमारी के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब बाजार में नकली शराब की आपूर्ति रोकने में मदद मिलेगी और ग्रामीण सुरक्षित महसूस करेंगे।





