
Morena News : डकैतों के लिए बदनाम रहे चंबल के बीहड़ों को अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाकर नई पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने बीहड़ सफारी नाम से प्रोजेक्ट बनाया है। इसकी विधिवत शुरुआत 7 मई से की जा रही है। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इसका उद्देश्य जहां चंबल की छवि को सुधारना है। वहीं, दूसरी तरफ पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। यह बात पत्रकारों से चर्चा में सोमवार को कलेक्टर अंकित अष्ठाना ने बताई।
बता दें कि चंबल के अनेकों घाट है, जहां बाहर से आने वाले टूरिस्ट लोकल फूड, यहां का लोकल म्यूजिक और लोकल कल्चर का लुफ्त उठाते हुए, चंबल की तलहटी रेत, बीहड़ को घूमकर अद्भुत नजारा देख सकेंगे। यह स्थल रणथम्भौर जैसे पर्यटन स्थल से कम नहीं होगा। बीहड़ सफारी में सनराइज, सनसेट पॉइंट भी बनाये जा रहें है।
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उन्हांने कहा कि औपचारिक बीहड रैली आयोजित की जा रही है। न्यूनतम 25 गाडियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है क्योंकि बीहड में डिस्टेंस रखना आवश्यक है तो औपचारिक प्रारंभ 7 मई से होगा और 8 तारीख से ही प्रतिदिन हम सफारी के लिये बुकिंग लेना प्रारंभ करेंगे। कलेक्टर ने कहा कि पर्यटक यहां जब भी आना चाहे, तब सुबह के समय जल्दी आ सकते हैं। सफारी का क्षेत्र सबलगढ़ ब्लॉक के पास आता है। लगभग 10 किमी का ट्रेक है, उसके बीच में गाडी नदी के घाट पर पहुंचती है जो लगभग 1 किमी का लंबा चौड़ा घाट है। इसके साथ ही वहां के गांव के लोगों को कैसे रोजगार दे सकते हैं, इसकी योजना बना रहे है। इसके लिये जिला पंचायत के सीईओ ने ग्राम चौपाल आयोजित की थी। इच्छुक नौजवान जो इसमें गाइड के तौर पर या हमारी गाइडलाइन के अनुसार शामिल हो सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से वहां पुलिस बल उपलब्ध कराया जायेगा। सामान्य ग्रामीणजनों को भी इस गतिविधि के दौरान सजग रहने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। बीहड़ सफारी प्रारंभ होने से क्षेत्रीय रहवासियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा, वे लोकल वस्तुओं को मार्केट में ला सकते है, जिससे उन्हें रोजगार भी मिलेगा। स्पॉट पर लोकल फूड को प्राथमिकता दी जायेगी। ग्रामीणजनों में से ही टूरिस्ट गाइड बनाये जायेंगे। कलेक्टर ने बताया कि एक फैमिली ट्रिप के लिये बीहड़ सफारी रोमांचकारी सफर रहेगा। बीहड़ सफारी का लोगो भी तैयार कर लिया है।
मुरैना से नितेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
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