
Morena News : मुरैना जिले के बानमोर गांव निवासी राजवीर सिंह जाटव के दो साल के बेटे रिव्यांश ने मटर के दाने खा लिए तो इसी दौरान मटर के दाने रिव्यांश के गले में फंस गए। गले में मटर के दाने फंसने के बाद रिव्यांश की तबियत बिगड़ गई, दो से तीन बार उल्टियां होने लगी। इसके बाद बानमोर में एक निजी क्लीनिक पर रिव्यांश को ले जाया गया, जहां इलाज के बाद मासूम की सेहत में सुधार होने के बजाय और बिगड़ गई। इसके बाद निजी क्लीनिक संचालक ने रिव्यांश को ग्वालियर या फिर मुरैना ले जाने की सलाह दी। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर परिजन जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रिव्यांश ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
राजवीर सिंह जाटव ने एंबुलेंस संचालक पर लापरवाही के आराेप लगाते हुए कहा कि रिव्यांश को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, फिर भी उसे एंबुलेंस में आक्सीजन नहीं लगाई गई। बानमोर से मुरैना का रास्ता 15 से 20 मिनट का है, लेकिन ड्राइवर एंबुलेंस को इतने धीमे लाया कि पौन घंटे का समय लग गया। राजवीर के अनुसार अगर एंबुलेंस में आक्सीजन लगाई जाती तो उसके बेटे की जान बच जाती। इसके बाद डॉक्टरों ने एम्बुलेंस की मदद से मृत बच्चे को वापस घर भेज दिया।
मुरैना से संजय दीक्षित की रिपोर्ट
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