सुकन्या समृद्धि योजना में हुए 5 बड़े बदलाव, अब ऐसे होगा अकाउंट का संचालन, पढ़ें पूरी खबर

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Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की खास योजनाओं में से एक, जो पोस्ट ऑफिस के जरिए चलाई जाती है। यह स्कीम बेटियों के लिए शुरू की गई है। जिसमें शानदार ब्याज दर के साथ टैक्स छूट की सुविधा भी मिलती है। योजना के लिए खाता खुलवाना भी बेहद आसान होता है। 10 साल से कम उम्र की बच्चियाँ इसका लाभ उठा सकती है, इनके नाम पर अभिभावक अकाउंट खुलवा सकते हैं। मैच्योरिटी पूरी होने के बाद लाखों का रिटर्न मिलता है। साथ ही पैसा भी डबल हो जाता है। योजना से जुड़े कई नियमों में हाल ही में बदलाव हुआ है। यदि आप भी इससे जुड़े हैं तो यह खबर आपके काम की साबित हो सकती है।

ब्याज के 2 नियम बदले

खाते में न्यूनतम राशि जमा ना करने पर पहले इसे डिफ़ॉल्ट कर दिया जाता है।  पहले इसे एक्टिव ना करने पर ब्याज मिलना बंद हो जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अकाउंट एक्टिव ना करने पर भी जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर मिलती रहेगी। बता दें योजना में कम से 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये की राशि जमा करवाई जा सकती है। वहीं गलत ब्याज की वापसी के नियम को भी हटा दिया गया है। अब हर वित्त वर्ष के अंत में अकाउंट में निर्धारित इंटरेस्ट आएगा।

18 साल से पहले ही अकाउंट नहीं हो पाएगा एक्टिव

नए नियमों के मुताबिक अब बेटी के 18 साल होने पहले ही अकाउंट को एक्टिव करने की अनुमति नहीं होगी। पहले स्कीम के 10 साल बाद ही इसे सक्रिय करने की इजाजत है। जो बदल चुका है।

तीसरी बेटी को भी मिलेगा योजना का लाभ

नए नियमों के मुताबिक अब परिवार की तीसरी बेटी को भी स्कीम की सुविधाओं का लाभ मिलेगा दरअसल, पहले केवल 2 बेटियों के खाते पर ही टैक्स छूट की सुविधा मिलती थी। लेकिन अब जुड़वां बेटियों के बाद तीसरी बेटी का खाता अभिभावक खुलवाते हैं, तो उसे भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

खाता बंद होने के नियम

नए नियमों के तहत जानलेवा बीमारी होने पर भी अकाउंट को बंद करने अनुमति होगी। इसके अलावा यदि अभिभावक की मृत्यु होती है तब भी खाता बंद करवाया जा सकता है। पहले केवल दो शर्तों पर खाता बंद होता था। जिसमें बेटी की मृत्यु और निवास स्थान बदलना शामिल है।

Manisha Kumari Pandey
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