8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए काम की खबर, अब सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून, जानें प्रोसेस, आगामी बैठकों पर भी अपडेट

8th Pay Commission : 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने सुझाव और मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है। आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई से बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है।
8th Pay Commission

8th Pay Commission

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है।8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशन्स के लिए अपनी मांगें और सुझाव (मेमोरेंडम/ज्ञापन) जमा करने की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब कर्मचारी 15 जून, 2026 तक अपने सुझाव और सिफारिशें आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

​आठवें वेतन आयोग ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया गया है। इससे पहले यह डेडलाइन 31 मई, 2026 तय की गई थी। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि यह समय सीमा में किया गया अंतिम विस्तार है और इसके बाद आगे कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।

आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी प्रकार के ज्ञापन और सुझाव केवल 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल 8cpc.gov.in पर जाकर निर्धारित फॉर्मेट में ही जमा करने होंगे। किसी भी प्रकार की हार्ड कॉपी, फिजिकल डॉक्यूमेंट, डाक द्वारा भेजी गई प्रतियां, ईमेल या पीडीएफ फॉर्मेट में भेजे गए मेमोरेंडम को आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आगामी बैठकें

  • 4 जून तक जम्मू-कश्मीर (श्रीनगर/जम्मू) में
  • 8 जून को लद्दाख में
  • ​22 और 23 जून को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में
  • ​6 और 7 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर में
  • ​9 और 10 जुलाई को पश्चिम बंगाल के कोलकाता

कब तक लागू होगा 8th Pay Commission?

गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना है, क्योंकि 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा जनवरी 2025 में की गई थी, लेकिन इसे वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर 2025 की एक नोटिफिकेशन के जरिए नोटिफाई किया था ।

आठवें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके अनुसार इसकी अंतिम सिफारिशें अप्रैल या मई 2027 के आसपास आने की संभावना है। ऐसे में जब भी नई वेतन दरें लागू होंगी, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एकमुश्त एरियर का लाभ भी मिलेगा। इस बड़े फैसले का सीधा असर देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है।

​कर्मचारियों और यूनियनों की मुख्य मांगें

  • बेसिक सैलरी को 18000 से बढ़ाकर 69000 प्रति महीना करना।
  • फिटमेंट फैक्टर को 7वें वेतन आयोग के 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करना।
  • हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करना।
  • नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की बात भी शामिल है।

8th pay cpc

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews