बहराइच हिंसा को लेकर अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा आरोप, आगामी चुनाव से जोड़कर कही यह बात

सपा अध्यक्ष ने बहराइच दंगों के लिए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर दंगे कराए। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार को सब पता था तो फिर पर्याप्त पुलिस बल और प्रशासनिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। अखिलेश ने मीडिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने में उनकी भूमिका अहम रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में न्यायालय से न्याय मिलेगा।
Akhilesh Yadav

Akhilesh yadav allegations on BJP : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहराइच दंगे को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उप चुनाव होने वाले हैं और राजनीतिक लाभ लेने के लिए बीजेपी ने ये हिंसा जानबूझकर करवाई हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार को जब सब पता था तो उसने पर्याप्त पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था क्यों नहीं की।

समाजवादी प्रत्याशी तेज प्रताप यादव के नामांकन में भाग लेने मैनपुरी आए अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए ये बात कही। योगी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बहराइच की घटना का सच सामने आ चुका है और पता चल गया है कि आने वाले चुनावों में फायदे के लिए बीजेपी ने दंगा कराया। इस मौके पर उन्होंने पत्रकार, सोशल मीडिया और यूट्यूबर्स का धन्यवाद दिया और कहा कि इन्होंने निष्पक्ष होकर सच्चाई सामने लाने का काम किया।

बहराइच दंगे पर अखिलेश यादव का बीजेपी पर गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने हाल ही में बहराइच में हुए दंगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह दंगा एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बीजेपी ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। एएनआई से बातचीत करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि ‘मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने सच्चाई को सामने लाने का काम किया। सच्चाई ये है कि भारतीय जनता पार्टी ने जानबूझकर दंगा कराया है। उन्हें पता है कि चुनाव आ गया है, किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सकते हैं। इसीलिए राजनीतिक लाभ लेने के लिए जानबूझकर बीजेपी ने दंगा कराया है। अगर जीरो टालरेंस की बात थी तो पर्याप्त पुलिस क्यों नहीं थी, पर्याप्त प्रशासन का इंतज़ाम क्यों नहीं था। मुझे उम्मीद है कि न्यायालय से न्याय मिलेगा।’

क्या है पूरा मामला

बता दें कि 13 अक्टूबर को बहराइच के रेहुआ मंसूर गांव में 22 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की सांप्रदायिक झड़प के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें मिश्रा एक मकान पर चढ़कर एक धार्मिक झंडा उतारकर भगवा झंडा लहराते हुए दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने एक दीवार भी तोड़ी, जिसके बाद फायरिंग हुई और उन्हें गोली लग गई। इसके बाद महाराजगंज में एक धार्मिक स्थल के बाहर तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर विवाद हुआ, जिससे सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा। इस घटना में इलाके में आगजनी और तोड़फोड़ की गई जिसके परिणामस्वरूप चार दिनों तक इंटरनेट सेवा भी बंद रही। मिश्रा की हत्या और उसके बाद हुई हिंसा के संबंध में 13 से 16 अक्टूबर के बीच जिले में कम से कम 11 प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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