Twitter Blue Tick : ‘जिसने कभी मंदिर में हाथ नहीं जोड़े, वो आज तुम्हारे सामने हाथ फैलाए खड़ा है’ नीले के लिए बेताब अमिताभ बच्चन

Twitter Blue Tick : ‘जिसने कभी मंदिर में हाथ नहीं जोड़े, वो आज तुम्हारे सामने हाथ फैलाए खड़ा है’ नीले के लिए बेताब अमिताभ बच्चन

Twitter Blue Tick : “आज खुश तो बहुत होगे तुम. जो आजतक तुम्हारे मंदिर की सीढियां नहीं चढा, जिसने आजतक तुम्हारे सामने सिर नहीं झुकाया. जिसने आजतक तुम्हारे सामने कभी हाथ नहीं नहीं जोड़े. वो आज तुम्हारे सामने हाथ फैलाए खड़ा है” सदी के महानायक अमिताभ बच्चन कुछ कुछ इस डायलॉग वाले फेज़ से ही गुजर रहे हैं जैसे। ट्विटर ने ब्लू टिक वापस ले लिया तो बिग बी ने बड़े ही मज़ेदार अंदाज़ में उससे ये गुज़ारिश कर डाली।

अमिताभ बच्चन ने ट्वीट करते हुए ट्विटर से ही कहा है कि ‘ए twitter भइया ! सुन रहे हैं ? अब तो पैसा भी भर दिये हैं हम .. तो उ जो नील कमल होत है ना, हमार नाम के आगे, उ तो वापस लगाय दें भैया , ताकि लोग जान जायें की हम ही हैं – Amitabh Bachchan .. हाथ तो जोड़ लिये रहे हम। अब का, गोड़वा जोड़े पड़ी का ?’ बड़े पर्दे की तरह ट्विटर प्लेटफॉर्म पर भी उन्होने महफिल लूट ली है। इस ट्वीट पर उनके फैन्स के कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।

ये ब्लू टिक नहीं जैसे स्टेटस सिंबल है, आभासी दुनिया में ट्विटर का पहचान पत्र, सेलेब्रिटी होने की निशानी। और भला शहंशाह से बड़ा सेलिब्रिटी कौन होगा। लेकिन उन्होने भी ट्विटर के आगे हाथ फैला दिए हैं। ये तक कह डाला कि अब क्या पैर पड़ने पड़ेंगे। इसपर उनका एक फैन कह रहा है ‘चिड़िया उड़ी फुर्र’ तो किसी ने लिखा ‘अब आपको भी लाइन में लगना पड़ेगा और इंतजार करना पड़ेगा।’ कोई कह रहा है ‘हो सकता है सर ने पैसे फेंके हो और एलन फेंके हुए पैसे नहीं उठाता हो’ ‘ई जो इलोनवा है न ई करें हैं जे सब।’ इस तरह उनके फैन्स भी एक से बढ़कर एक डायलॉग्स के साथ मैदान में आ गए हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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