वाराणसी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने पर 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी को असदुद्दीन ओवैसी ने बताया नाइंसाफी, पूछा- इससे धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हुईं?

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वाराणसी में नाव पर रोजा खोलने के मामले में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कदम केवल उनके मुस्लिम होने की वजह से उठाया गया और पूछा कि इससे किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हो सकती हैं।
Asaduddin Owaisi

AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने के आरोप में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर भेदभावपूर्ण बताते हुए प्रशासन पर हमला बोला और पूछा कि इस घटना से किसी की भी मजहबी आस्था को ठेस कैसे पहुंच सकती है। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि इन युवकों पर कार्रवाई सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वे मुस्लिम हैं।

एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने इस घटना का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बनारस में 14 मुस्लिम बच्चे एक नाव लेकर उस पर रोजा खोलते हैं, लेकिन उन पर फौरन केस दर्ज कर दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना करते हुए कहा, “कल अगर मैं हुसैन सागर लेक में कश्ती लेता हूं, लाइफ जैकेट पहनकर रोजा खोलता हूं, चिकन की बिरयानी खाता हूं, तो क्या पुलिस आकर मुझ पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर देगी?”

‘किसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं?’

ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर कोई नाव में बैठकर बिरयानी खा रहा है तो इससे किसके मजहबी जज्बात (धार्मिक भावनाएं) आहत हो रहे हैं। उन्होंने गंगा में प्रदूषण के मुद्दे को उठाते हुए कहा, “पूरी गंगा में गंदा सीवेज आकर गिरता है, तब तुम्हें तकलीफ नहीं होती। मेरे बेचारे बच्चे लाइफ जैकेट पहने हुए हैं, नौजवान हैं, उन्होंने सोचा कि कश्ती में जाकर रोजा खोलेंगे। और आपने उन पर केस बुक करके उन्हें जेल में डाल दिया।”

“अरे उनका जुर्म सिर्फ इतना है कि वो मुस्लिम हैं। जो बड़े-बड़े सीवरेज आकर गिर रहे, उस पर किसी को फिक्र नहीं है। जो बड़ी-बड़ी कश्तियां चलती हैं, जो लोग नित्य क्रिया करते हैं, उसकी फिक्र नहीं है। बताओ सिर्फ मुसलमान हैं, जेल में उनको डाल दिया। ये इंसाफ है तुम्हारा, बीजेपी वालों बताओ।”- असदुद्दीन ओवैसी, अध्यक्ष, AIMIM

उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तार किए गए ज्यादातर युवक पसमांदा समाज से हैं, जिनके हितों की बात बीजेपी करती है। ओवैसी ने कहा, “और तुम पसमांदा मुसलमानों की बात करते हो, उसमें सारे बच्चे सैफी हैं। पसमांदा मुसलमान हैं, उत्तर प्रदेश के हैं, जिनके साथ नाइंसाफी की गई है।”

त्योहारों पर दुकानों को लेकर उठाए सवाल

ओवैसी ने रमजान के महीने में शराब की दुकानें खुली रहने पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ उनके त्योहार पर मांस और अंडे की दुकानें बंद करा दी जाती हैं, लेकिन रमजान के पूरे महीने शराब की दुकानें बंद क्यों नहीं की गईं। उन्होंने कहा, “खुरैश बिरादरी का काम गोश्त का कारोबार करना है। आपका मजहबी मसला है, मेरे रमजान का महीना था, पूरे शराब की दुकान बंद क्यों नहीं थी बताओ? बंद करना था शराब की दुकान को।”

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर शराब की दुकानें खुली रह सकती हैं तो वह नाव में रोजा क्यों नहीं खोल सकते। उन्होंने पूछा, “क्या इससे मेरे मजहबी जज्बात मजरूह नहीं होंगे? बंद करो न फिर।” ओवैसी ने एक वीडियो का भी जिक्र किया जिसमें किसी ने आलमगीर मस्जिद का नाम लिया, जिस पर आपत्ति जताई गई। उन्होंने कहा कि वह मस्जिद सदियों पुरानी है और हमेशा रहेगी।

Ankita Chourdia
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