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Corbevax Vaccine के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी का इंतजार, 5 से 12 आयु वर्ग के लिए की है सिफारिश

Written by:Amit Sengar
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Corbevax Vaccine के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी का इंतजार, 5 से 12 आयु वर्ग के लिए की है सिफारिश

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देश में एक बार फिर कोरोना (Corona) के मामले बढ़ने के बीच खबर आ रही है कि अब पांच से 12 वर्ष के आयु के बच्चों के लिए भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण (DCGI Subject Committee) की एक विशेषज्ञ समिति ने बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 निरोधक टीके कोर्बेवैक्स (Corbevax Vaccine) के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी देने की सिफारिश की है। जिसके बाद अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अंतिम मंजूरी से पहले वैक्सीन को डीसीजीआई की अनुमति का इंतजार है। वर्तमान में यह वैक्सीन 12-14 साल के आयु वर्ग के बच्चों को लगाई जा रही है।

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आपको बता दें कि सीडीएससीओ की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने हालांकि भारत बायोटेक से दो से 11 वर्ष की आयु के लोगों के बीच कोवैक्सिन के उपयोग के लिए अपने आपातकालीन उपयोग मंजूरी (ईयूए) आवेदन की समीक्षा करने के लिए अधिक डेटा मांगा है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने पिछले साल 28 दिसंबर को वयस्कों में आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग के लिए कोवोवैक्स (Covovax Vaccine)को मंजूरी दी थी और इस साल 9 मार्च को कुछ शर्तों के अधीन 12 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिये उपयोग की मंजूरी दी थी।

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गौरतलब है कि बायोलॉजिकल ई के कॉर्बेवैक्स का उपयोग 12 से 14 वर्ष आयु के बच्चों को कोविड-19 के खिलाफ टीका लगाने के लिए किया जा रहा है। 24 दिसंबर, 2021 को 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लिए डीसीजीआई द्वारा कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग सूची (Emergency Approval) प्रदान की गई है। ‘‘बायोलॉजिकल ई के ईयूए आवेदन पर विचार-विमर्श करने वाली सीडीएससीओ की कोविड -19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति ने पांच से 11 वर्ष के आयु वर्ग में कॉर्बेवैक्स के उपयोग के लिए आपातकालीन उपयोग अनुमति देने की सिफारिश की है।’’

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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