11.72 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा दिवाली बोनस का लाभ, कैबिनेट की मंजूरी, खाते में आएगी इतनी राशि

कैबिनेट बैठक में 11,72,240 रेल कर्मचारियों को 2028.57 करोड़ रु के लिए 78 दिनों के पीएलबी के भुगतान को मंजूरी दे दी है।
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Railway Employees Bonus 2024: रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है । केन्द्र की मोदी सरकार ने दिवाली बोनस का ऐलान कर दिया है। रेल मंत्रालय ने इस साल अपने कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस देने की घोषणा की है। इस फैसले से 11,72,240 कर्मचारियों को फायदा होगा।बता दे कि हाल ही में भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने केंद्रीय मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्णव को बोनस को लेकर पत्र लिखा था।

दरअसल, रेल कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11,72,240 रेल कर्मचारियों को 2028.57 करोड़ रु के लिए 78 दिनों के पीएलबी के भुगतान को मंजूरी दे दी है।इसके तहत प्रत्येक पात्र रेल कर्मचारी को देय अधिकतम राशि 78 दिनों के लिए 17,951/- रुपये है।

इन कर्मचारियों को मिलेगा

  • बोनस राशि ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, तकनीशियन, तकनीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और अन्य ग्रुप एक्ससी स्टाफ जैसी विभिन्न श्रेणियों के रेल कर्मचारियों को भुगतान की जाएगी।
  • 7वें वेतन आयोग के तहत रेलवे में न्यूनतम बेस‍िक सैलरी 18,000 रुपये है और 78 दिन का 17,951 रुपये बोनस बनता है, ऐसे में 18,000 रु बेस‍िक सैलरी के ह‍िसाब से 78 दिन का बोनस 46,159 रुपये बनता है, जिससे 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारी को कम से कम (46,159-17,951)=28,208 रुपये लाभ होगा।

हर साल दुर्गा पूजा/ दशहरे में मिलता है बोनस

गौरतलब है कि पीएलबी का भुगतान रेल कर्मचारियों को रेलवे के प्रदर्शन में सुधार की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करने के प्रोत्साहन के रूप में कार्य करता है।पात्र रेल कर्मचारियों को पीएलबी का भुगतान प्रत्येक वर्ष दुर्गा पूजा/दशहरे की छुट्टियों से पहले किया जाता है। इस वर्ष भी लगभग 11.72 लाख अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर पीएलबी राशि का भुगतान किया जा रहा है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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