हजारों कर्मचारियों को तोहफा, फिर बढ़ेगा मानदेय, जल्द जारी होगा शासनादेश, जानें सैलरी में कितनी होगी वृद्धि?

honorarium hike

Uttrakhand UPNL Employees : उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द उपनल कर्मचारियों के मानदेय में 10 फीसदी वृद्धि की जाएगी, वही अन्य मांगों के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह आश्वासन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को दिया है, जिसके बाद उन्होंने हड़ताल को स्थगित कर दिया है। मानदेय वृद्धि से प्रदेश के 25 हजार से ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

सोमवार को सीएम के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

दरअसल,लंबे समय से अपनी 9 सुत्रीय मांगों को लेकर राज्य के उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के कर्मचारियों ने पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था और फिर 12 फरवरी से उन्होंने प्रदेशव्यापी कार्य का बहिष्कार शुरू किया , जिससे सरकारी कामों पर असर पड़ने लगा। सोमवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी और सचिव सैनिक कल्याण ने उनसे मुलाकात की और मानदेय बढ़ने समेत विभिन्न आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया।

10 फीसदी बढ़ेगा मानदेय, जल्द जारी होगा शासन आदेश

आंदोलन के बाद संयुक्त मोर्चा ने कहा कि सभी मांगों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी सकारात्मक निर्णय लेंगे, ताकि 25000 से अधिक कर्मचारियों को राहत मिल सके।इसके बाद सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, उपनल एमडी के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और घोषणा की कि सभी उपनल कर्मियों का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ेगा और आंदोलन अवधि के दौरान की छुट्टियां कर्मचारियों के अनुमन्य अवकाश में समायोजित की जाएंगी। इसके लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है, जिसका शीघ्र शासनादेश जारी होगा।इससे वेतन में 1200 से 3600 रुपए तक का लाभ मिलेगा।

अन्य मांगों पर भी होगा विचार, गठित होगी समिति

कर्मचारियों को विभाग से निरंतर हटाने, ऊर्जा निगमों में स्थगित महंगाई भत्ता समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित होगी जो 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।इस समिति में अपर मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक एवं न्याय विभाग के अफसर , सचिव सैनिक कल्याण सदस्य शामिल होंगे।बता दे कि इससे पहले अक्टूबर 2021 को कर्मचारियों के मानदेय की दरों में बदलाव किया गया था। राज्य सरकार द्वारा 2004 से अबतक उपनल कर्मचारियों के मानदेय में 7 बार वृद्धि और दो बार प्रोत्साहन भत्ते में संशोधन किया गया है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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