बजट 2026: देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी, दिल्ली-वाराणसी समेत कई बड़े शहर जुड़ेंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे और 'ग्रोथ कनेक्टर' के रूप में काम करेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का भी ऐलान किया गया है।
बजट 2026: देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी, दिल्ली-वाराणसी समेत कई बड़े शहर जुड़ेंगे

केंद्र सरकार ने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई गति देने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण का ऐलान किया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन नेटवर्क स्थापित करना है।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि ये कॉरिडोर आर्थिक विकास के लिए ‘ग्रोथ कनेक्टर’ की भूमिका निभाएंगे, जिससे व्यापार और आवागमन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। सरकार का यह कदम देश के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

इन रूटों पर दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन

प्रस्तावित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगे। इन कॉरिडोर की सूची इस प्रकार है:

  • मुंबई – पुणे
  • हैदराबाद – पुणे
  • हैदराबाद – बेंगलुरु
  • हैदराबाद – चेन्नई
  • चेन्नई – बेंगलुरु
  • दिल्ली – वाराणसी
  • वाराणसी – सिलीगुड़ी

यह नेटवर्क दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत के कई महत्वपूर्ण शहरों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे यात्रा के समय में भारी कमी आने की उम्मीद है।

मौजूदा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की स्थिति

फिलहाल, भारत में मुंबई-अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। यह देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसे 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। यह कॉरिडोर गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा-नगर हवेली से होकर गुजरेगा और दोनों शहरों के बीच की दूरी को लगभग 2 घंटे 17 मिनट में पूरा करेगा।

लॉजिस्टिक्स और जलमार्ग पर भी जोर

रेल नेटवर्क के अलावा, बजट में माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करने पर भी खास ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने पूर्व में दानकुनी (पश्चिम बंगाल) को पश्चिम में सूरत (गुजरात) से जोड़ने वाले एक पूर्व-पश्चिम समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा। इस कॉरिडोर से माल परिवहन की गति बढ़ेगी और लागत में कमी आएगी।

इसके साथ ही, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 22 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को भी चालू करने की योजना है, जिससे लॉजिस्टिक्स सिस्टम और अधिक कुशल बनेगा।

छोटे शहरों के विकास पर फोकस

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान केवल बड़े महानगरों तक ही सीमित नहीं है। पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों को भविष्य के ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। बजट 2026-27 में ₹12.2 लाख करोड़ के विशाल सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को पंख लगने की उम्मीद है।

“रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने रास्ते पर है।” — निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सभी को विकास के समान अवसर प्रदान करने के तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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