मतदाता सूची की विशेष समीक्षा प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक अहम निर्देश के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य की निचली अदालतों के सभी जजों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। हाई कोर्ट द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, केवल बीमारी जैसी आपातकालीन स्थिति में ही किसी जज को अवकाश की अनुमति दी जाएगी। यह फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मतदाता सूची की समीक्षा के अंतिम चरण के काम का एक बड़ा हिस्सा न्यायपालिका की देखरेख में कराने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश का पालन करते हुए हाई कोर्ट ने यह कदम उठाया है ताकि निचली अदालतों का कामकाज प्रभावित न हो और चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
सुप्रीम कोर्ट का ‘विशेष परिस्थितियों के लिए विशेष आदेश’
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इसे एक असाधारण स्थिति बताया था। उन्होंने कहा था कि जिला जज या अतिरिक्त जिला जज स्तर के अधिकारी को ‘न्यायिक अधिकारी’ के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
“यह खास हालात के लिए खास ऑर्डर है। न्यायिक अधिकारी सभी मामलों को देखेंगे। हम सरकारी अधिकारियों को ज्यूडिशियल ऑफिसर के काम में कोऑपरेट नहीं करने देंगे।”- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के तहत अब न्यायिक अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जिसके चलते हाई कोर्ट को प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव करना पड़ा है।
250 जजों की सूची चुनाव आयोग को सौंपी गई
कलकत्ता हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने चुनाव आयोग को 250 न्यायिक अधिकारियों की एक सूची भेज दी है। चुनाव आयोग ने हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक न्यायिक अधिकारी की मांग की थी। इस सूची में NDPS और POCSO जैसी विशेष अदालतों के 100 जजों के अलावा अन्य मामलों की सुनवाई करने वाले 150 जजों के नाम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, हाई कोर्ट ने हर जिले में एक कमेटी बनाने का भी निर्देश दिया है। इस कमेटी में संबंधित जिले के जिला जज, जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल होंगे, जो आपसी समन्वय से इस काम को अंजाम देंगे।
केंद्रीय बलों की तैनाती पर अहम बैठक
इस बीच, चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बैठक में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी, विशेष पर्यवेक्षक एनके मिश्रा, पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय बलों के नोडल ऑफिसर शामिल होंगे। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और बलों की तैनाती की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।





