कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसके साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चरम पर है। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने राज्य को उग्रवादियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बना दिया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी के शासन में बंगाल की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी ताकतों को इसे जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।
“कश्मीर एसटीएफ ने दो साल पहले जावेद मुंशी को गिरफ्तार किया था, एक को असम एसटीएफ ने मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार किया था। टीएमसी ने बंगाल को उग्रवादियों का गढ़ बना दिया है, इसे जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।”- शुभेंदु अधिकारी
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने सिर्फ सुरक्षा के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि राज्य की वोटर लिस्ट को लेकर भी ममता सरकार को घेरा। उन्होंने एक त्रुटिहीन मतदाता सूची की मांग करते हुए कहा कि यह उनकी सबसे प्रमुख मांगों में से एक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट से चार तरह के नामों को हर हाल में हटाया जाना चाहिए।
अधिकारी के अनुसार, सूची में मृत लोगों के नाम, फर्जी वोटर, एक ही व्यक्ति का कई जगहों पर नाम और गैर-भारतीय नागरिकों के नाम नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जो लोग भारतीय हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, हमें उनसे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जो अवैध तरीके से सीमा पार कर आए हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहने चाहिए।’
शरणार्थी और घुसपैठियों में फर्क बताया
उन्होंने बांग्लादेश से आए लोगों को दो श्रेणियों में बांटते हुए अपनी बात रखी। अधिकारी ने कहा, “बांग्लादेश से दो तरह के लोग पश्चिम बंगाल आए हैं। हिंदू अपना धर्म बचाने आए हैं, वो घुसपैठिए नहीं हैं, वे रिफ्यूजी (शरणार्थी) हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया, “और जो लोग बांग्लादेश से गैर-कानूनी तरीके से यहां घुसे हैं, वो मेरी मां, बहनों, बेटियों को लव जिहाद के जाल में फंसा रहे हैं।”
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विपक्ष के नेता ने राज्य में हुई SIR (Summary Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “बूथ लेवल ऑफिसरों के जरिए लोगों के नाम और सरनेम तक गलत दर्ज किए गए, फिर आम लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा किया गया।” अधिकारी ने सवाल किया कि जब आज हर चीज ऑनलाइन हो सकती है तो इस प्रक्रिया को डिजिटल क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने यह भी वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो सबसे पहले वोटर लिस्ट को साफ करने का काम किया जाएगा।






