प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठ पूजा के अवसर पर लोगों से इस पर्व से संबंधित गीत साझा करने का आग्रह किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि छठ पूजा, जो प्रकृति और संस्कृति को समर्पित एक भव्य पर्व है, नजदीक आ रहा है। बिहार और देशभर के भक्त इसकी तैयारियों में उत्साहपूर्वक जुटे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि छठी मइया को समर्पित गीत इस पावन अवसर की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैं। उन्होंने लोगों से छठ पूजा के गीत उनके साथ साझा करने की अपील की, ताकि वह अगले कुछ दिनों में इन्हें देशवासियों के साथ साझा कर सकें।
सूर्य देव और छठी मइया की पूजा
यह चार दिवसीय उत्सव, जो सूर्य देव और छठी मइया की पूजा को समर्पित है, इस वर्ष शनिवार से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। छठ पूजा मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाई जाती है, साथ ही नेपाल और विश्वभर में भारतीय समुदायों के बीच भी इसका आयोजन होता है। यह पर्व सत्युग और द्वापर युग से जुड़ा हुआ है और सूर्य पूजा का सबसे प्राचीन रूप माना जाता है। भक्त कठोर अनुशासन के साथ उपवास रखते हैं, लंबे समय तक भोजन और पानी से परहेज करते हैं, ताकि समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशी के लिए आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
चार दिन विभिन्न रीति-रिवाज
छठ पूजा के चार दिन विभिन्न रीति-रिवाजों से भरे होते हैं। पहले दिन ‘नहाय खाय‘ में भक्त पवित्र नदी या तालाब में स्नान कर स्वयं को शुद्ध करते हैं। दूसरे दिन ‘खरना‘ में सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखा जाता है और गुड़, चावल और गेहूं से प्रसाद तैयार किया जाता है। तीसरे दिन ‘संध्या अर्घ्य’ में सूर्यास्त के समय जलाशयों के किनारे अर्घ्य दिया जाता है, और अंतिम दिन ‘उषा अर्घ्य’ में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर उपवास तोड़ा जाता है। यह पर्व सादगी, समर्पण और शुद्धता का प्रतीक है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और मानव-प्रकृति के सामंजस्य को दर्शाता है।






