कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को दिए गए 1,600 करोड़ रुपये की राहत राशि को गंभीर अन्याय करार दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि चार लाख एकड़ से अधिक धान की फसल नष्ट हो गई है और 10 लाख से ज्यादा पशु मर चुके हैं, जिससे राज्य को कम से कम 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह पत्र प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए प्रारंभिक राहत की घोषणा के बाद भेजा गया, जिसमें उन्होंने पंजाब को निष्पक्ष मुआवजा देने के लिए तत्काल कार्रवाई की अपील की है।
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा, “यह संकट एक साहसिक प्रतिक्रिया की मांग करता है। मैं सरकार से क्षति का त्वरित आकलन कराने और एक व्यापक राहत पैकेज प्रदान करने का अनुरोध करता हूं।” उन्होंने पंजाब में क्षति का तेज, पारदर्शी और सटीक आकलन करने तथा राज्य के लिए तत्काल एक समग्र राहत और पुनर्वास पैकेज की घोषणा करने की मांग की। गांधी ने आगे कहा कि बाढ़ ने भविष्य में बड़े पैमाने पर भूमि को अनुपजाऊ बना दिया है। आज भी हजारों एकड़ भूमि जलमग्न है और कई गांव कटे हुए हैं। पंजाब इस मानसून सीजन में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
यह पत्र पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के कुछ दिनों बाद भेजा गया, जहां गांधी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत प्रयासों का जायजा लिया। उन्होंने गुरदासपुर में बाढ़ से प्रभावित किसानों से भी भेंट की। कांग्रेस नेता परगट सिंह ने गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि राहुल पंजाब के दर्द को अच्छी तरह समझते हैं। 9 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी और उन्होंने राज्य का हवाई सर्वेक्षण भी किया। इससे पहले, पंजाब की आप सरकार के मंत्रियों ने इस सहायता को क्रूर मजाक और लोगों के लिए अपमान बताते हुए केंद्र की आलोचना की थी।
कई हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित
पंजाब बाढ़ क्षति रिपोर्ट के अनुसार, कुल 1,98,525 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें गुरदासपुर (40,169 हेक्टेयर), पटियाला (17,690 हेक्टेयर), तरन तारन (12,828 हेक्टेयर), फाजिल्का (25,182 हेक्टेयर), फिरोजपुर (17,257 हेक्टेयर) और कपूरथला (17,574 हेक्टेयर) में प्रमुख नुकसान दर्ज किया गया है। पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह के अनुसार, राज्य भर में बाढ़ से मृतकों की संख्या 56 तक पहुंच चुकी है। बाढ़ ने प्रीमियम बासमती फसल को भी 1.2 लाख एकड़ में नष्ट कर दिया है, जबकि राहत शिविरों में 1.5 लाख लोगों का इलाज किया गया है।






