कांग्रेस की BJP सरकार को चेतावनी, बोली- मणिकर्णिका घाट का विध्वंस, भगवान शंकर, लोकमाता अहिल्या बाई का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे

कांग्रेस ने कहा- मणिकर्णिका घाट का विध्वंस देखकर लोकमाता अहिल्या बाई के परिवार ने बनारस जाकर कहा कि अगर शासन मूर्तियों को संरक्षित नहीं कर सकती तो हम कर लेंगे। सोचिए- ये कितना शर्मनाक है।
Manikarnika Ghat Varanasi

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बनारस के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य एक चलते की जा रही तोड़फोड़ के वायरल वीडियो पर जिला प्रशासन की सफाई आने के बाद भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है, उधर विपक्षी दल भी भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है, कांग्रेस ने तोड़फोड़ को घाट का विध्वंस करार देते हुए कहा है कि BJP सरकार ने मणिकर्णिका घाट पर विध्वंस कर भगवान शंकर और लोकमाता अहिल्या बाई  का अपमान किया है। ये जघन्य अपराध है और ऐसा मोदी जी के इशारे पर हुआ है इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आज नेशनल मीडिया कॉर्डिनेटर अभय दुबे और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मीडिया से बात की, कांग्रेस नेताओं में मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ के लिए भाजपा की सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाये, अभय दुबे ने कहा काशी वह अलौकिक भूमि है, जिसका सृजन स्वयं भगवान शंकर ने किया और सृजित करके अपना दिव्य निवास बनाया।लेकिन इस अलौकिक भूमि पर तथाकथित धर्म का आडंबर करने वाले BJP सरकार ने इतना बड़ा विध्वंस किया, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है।

दुबे ने कहा BJP के लोग सिर्फ पत्थर की पूजा करते हैं, भगवान को छोड़ देते हैं। मगर काशी पत्थर से नहीं बनी है, बल्कि यह भगवान शंकर की आराधना और पूजा से बनी है। BJP सरकार ने मणिकर्णिका घाट पर विध्वंस कर भगवान शंकर और लोकमाता अहिल्या जी का अपमान किया है। ये जघन्य अपराध है और ऐसा मोदी जी के इशारे पर हुआ है। हालांकि, मंदिरों को ध्वस्त करना नरेंद्र मोदी की विरासत रही है।

अभय दुबे ने कहा मोदी सरकार, बजरंगबली को नोटिस दे चुकी है, सनातन संस्कृति के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा।इस नोटिस में सरकार द्वारा लिखा जाता है कि “श्रीबजरंग बली सबलगढ़, आपको सूचित किया जाता है कि आपने सबलगढ़ में हमारी भूमि पर मकान बनाकर रेलवे भूमि पर अतिक्रमण किया है, जिसका हर्ज और खर्च आपको भुगतना पड़ेगा।”

कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा 

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जो बनारस में कहते थे- मुझे मां गंगा ने बुलाया है। उसी बनारस के DM को NGT ने बुलाकर कहा- गंगा घाट पर बोर्ड लगा दीजिए कि ये जल पीने और आचमन योग्य तो छोड़िए, नहाने लायक नहीं है। ऐसा इसलिए कहा गया, क्योंकि मां गंगा में मल-मूत्र विसर्जित किया जा रहा है। मणिकर्णिका घाट का विध्वंस देखकर लोकमाता अहिल्या बाई के परिवार ने बनारस जाकर कहा कि अगर शासन मूर्तियों को संरक्षित नहीं कर सकती तो हम कर लेंगे। सोचिए- ये कितना शर्मनाक है।

गंगा में गन्दगी बहाए जाने के आरोप 

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी इन्होंने तमाम मंदिरों को तोड़ा था। उस वक़्त VHP के अशोक सिंघल ने इसका विरोध करते हुए कहा था- ऐसा काम कभी कांग्रेस ने भी नहीं किया। उन्होंने कहा  नरेंद्र मोदी ने कहा था- मुझे मां गंगा ने बुलाया है लेकिन गंगा नदी में चलाए जा रहे क्रूज का सारा मल-मूत्र मां गंगा में गिराया जा रहा है। जब इसका वीडियो वायरल हुआ तो NGT ने 5,000 का जुर्माना लगाया।हैरानी की बात है कि उस क्रूज का नाम स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर रखा गया है। यानी- BJP विवेकानंद जी का भी अपमान कर रही है। BJP सरकार बनारस की दालमंडी को तबाह करने पर तुली हुई है। इस सरकार ने न तो मंडी के पुनर्वास की कोई योजना बनाई है और न ही लोगों की बात सुन रही है। दालमंडी के तबाह होने से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और तमाम व्यापारियों के परिवार बर्बाद हो जाएंगे।

कांग्रेस ने की ये तीन मांग 

अजय राय ने कहा हमारी मांग मणिकर्णिका घाट पर जारी कार्रवाई को तत्काल रोका जाए काशी के धर्माचार्य से बातचीत कर आगे का काम किया जाए दालमंडी को बर्बाद करने का काम रोका जाए और उसके पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाए, उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी बनारस में ऐसे गलत काम होने नहीं देगी। हम लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और डटकर इस सरकार का मुकाबला करेंगे। उनहोंने कहा साफ है- योगी और मोदी सरकार सिर्फ हिंदुत्व का दिखावा करते हैं, असल में यह पूरी तरह से नास्तिक हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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