बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर: 9 साल की देरी और लागत बढ़ने पर ACB का एक्शन, अज्ञात अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर पर FIR

दिल्ली में बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर के निर्माण में भारी देरी और लागत बढ़ने पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने FIR दर्ज की है। 2017 में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट अब 2026 तक खिंच गया है, जिससे इसकी लागत भी बढ़ गई है। मामले में अज्ञात सरकारी अधिकारियों और एक निजी ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है।
Barapullah Phase-3 Flyover

दिल्ली के बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के निर्माण में हुई भारी देरी और लागत वृद्धि को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7A और 13 के तहत अज्ञात सरकारी अधिकारियों और एक निजी कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला परियोजना में असामान्य देरी और सरकारी खजाने को हुए करोड़ों के नुकसान से जुड़ा है।

इस मामले का संज्ञान उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सिफारिश पर लिया था। उपराज्यपाल ने पिछले साल अक्टूबर में जांच के आदेश देते हुए कहा था कि इस देरी की कोई ठोस वजह नहीं बताई जा सकती। उन्होंने सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ के नुकसान की बात कही थी, जिसके बाद ACB को जांच सौंपी गई।

2017 में पूरा होना था प्रोजेक्ट, अब 2026 की उम्मीद

सराय काले खां को बारापुला फ्लाईओवर से जोड़ने वाले इस 3.5 किलोमीटर लंबे चार-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को 2011 में मंजूरी मिली थी। इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2015 में L&T कंपनी को 1,260.63 करोड़ रुपये की लागत पर सौंपा गया था। प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2017 तक पूरा हो जाना था, लेकिन यह अब तक अधूरा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण, पेड़ काटने की अनुमति मिलने में हुई दिक्कतें और विभागीय लापरवाही इस देरी के मुख्य कारण रहे हैं। अब इस प्रोजेक्ट के जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक इस पर 1,238.68 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और इसकी नई अनुमानित लागत 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

EFC की बैठक में उठी थी जांच की मांग

इस मामले पर सबसे पहले पिछले साल 28 जुलाई को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में चर्चा हुई थी। EFC ने प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताते हुए एक विस्तृत जांच की सिफारिश की थी। समिति ने PWD को निर्देश दिया था कि वह मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड ACB को सौंप दे। बैठक में अयोग्य अधिकारियों द्वारा मध्यस्थता पुरस्कारों की मंजूरी की जांच करने और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी सिफारिश की गई थी। ACB ने अब प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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