दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद सुरक्षा अलर्ट, उपराज्यपाल ने पुलिस कमिश्नर और चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर दिए ये निर्देश

लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तुरंत प्रभाव से कई कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। एलजी के निर्देशों में अमोनियम नाइट्रेट की खरीद-बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड रखना, सभी भीड़भाड़ वाले स्थानों की कड़ी सुरक्षा समीक्षा, सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करना, खुफिया तंत्र को सुदृढ़ करने जैसी बातें शामिल हैं।
Delhi Car Blast

सांकेतिक तस्वीर

पिछले दिनों राजधानी में लाल किला के पास हुए आतंकी धमाके के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को सुरक्षा व बचाव-प्रणाली सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं। उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से पुलिस कमिश्नर व मुख्य सचिव को 19 नवंबर को लिखे गए अलग-अलग निर्देशों में महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए कहा गया है।

बता दें कि दिल्ली कार बम धमाके की जांच में नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी को एक प्रमुख संदिग्ध केंद्र के रूप में चिह्नित किया है, जहां से आतंकी मॉड्यूल का संचालन हो रहा था। सूत्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी के 200 से अधिक डॉक्टरों, लेक्चररों और स्टाफ सदस्यों को जांच के दायरे में लिया गया है। एजेंसियां हॉस्टल, छात्रों के कमरों और स्टाफ के निजी ठिकानों की छापेमारी कर रही हैं, जबकि अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है।

दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिए निर्देश

दिल्ली ब्लास्ट ने एक बार फिर राजधानी में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अब दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। उपराज्यपाल सचिवालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को अलग-अलग पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने को कहा है।

LG के निर्देशों के मुख्य बिंदु

  • एक निश्चित सीमा से अधिक मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट खरीदने एवं बेचने वाली सभी संस्थाओं और व्यक्तियों का पुलिस द्वारा डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए। इस रिकॉर्ड में खरीदार एवं विक्रेता की फोटोग्राफ के अतिरिक्त अन्य सभी प्रासंगिक विवरण (नाम, पता, पहचान-पत्र, मोबाइल नंबर आदि) भी शामिल किए जाएं।
  • सभी जिला उप-पुलिस आयुक्तों (DCPs) को यह निदेश दिया जाए कि वे उच्च पैदल यातायात वाले व्यस्त बाजारों तथा सार्वजनिक स्थलों, जैसे आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, सिनेमा हॉल, पार्क, मेट्रो स्टेशन आदि की कड़ी सुरक्षा समीक्षा (rigorous security audit) करें। इस समीक्षा में विशेष रूप से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती योजना, बीट रोस्टर और मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क की स्थिति पर ध्यान दिया जाए। यदि कोई अंधेरे इलाके हैं जहां अतिरिक्त सीसीटीवी कवरेज की आवश्यकता है, तो ऐसे सभी स्थानों की एक संकलित सूची तैयार कर आवश्यकतानुसार स्थापना हेतु मुख्य सचिव को भेजी जाए।
  • पुलिस की खुफिया व्यवस्था को Human Intelligence तथा Technical Intelligence दोनों के माध्यम से सुदृढ़ किया जाए, विशेषकर उन संवेदनशील क्षेत्रों में जहां कट्टरपंथियों का खतरा अधिक है। साथ ही, अधिक प्रभावी निवारक पुलिसिंग के लिए सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम तथा नागरिकों की भागीदारी को भी बढ़ाया जाए।
  • दिल्ली पुलिस मेटा, ट्विटर (अब X) आदि प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के भारत प्रमुखों के साथ परामर्श प्रक्रिया आयोजित करे ताकि नागरिकों का brainwashing करने वाले कट्टरपंथी सामग्री की वैज्ञानिक एवं वास्तविक समय ट्रैकिंग का प्रभावी तंत्र विकसित किया जा सके।
Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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