दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे: हरियाणा में 135KM का हिस्सा खुला, अब 6 घंटे में पहुंचेंगे वैष्णो देवी

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का 135 किलोमीटर लंबा हरियाणा स्ट्रेच अब आम लोगों के लिए खुल गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरा होने पर दिल्ली से कटरा (वैष्णो देवी) का सफर 14 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे का रह जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
Delhi-Katra Expressway

नई दिल्ली: देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का पहला चरण हकीकत बन गया है। इस एक्सप्रेसवे का हरियाणा में पड़ने वाला करीब 135 किलोमीटर लंबा हिस्सा अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस बड़े कदम से न सिर्फ दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी की नई राह खुलेगी, बल्कि वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं का सफर भी आधे से कम समय में पूरा हो सकेगा।

यह एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना के तहत बनाया जा रहा है, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2022 को किया था। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक का दबाव कम करना, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना और प्रमुख आर्थिक एवं धार्मिक केंद्रों को हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ना है।

अब 14 नहीं, सिर्फ 6 घंटे में कटरा

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण यात्रा के समय में होने वाली भारी कटौती है। मौजूदा समय में दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए कटरा (वैष्णो देवी का आधार शिविर) पहुंचने में करीब 14 घंटे लग जाते हैं। एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यह दूरी सिर्फ 6 घंटे में तय की जा सकेगी। इसी तरह, दिल्ली से अमृतसर का सफर जो अभी 8 घंटे का है, वह घटकर महज 4 घंटे का रह जाएगा।

यह 670 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली के बहादुरगढ़ बॉर्डर के पास जसौर खेड़ी से शुरू होकर पंजाब के कई प्रमुख शहरों से गुजरते हुए अमृतसर और कटरा तक जाएगा। इससे दिल्ली से कटरा की दूरी भी मौजूदा 727 किमी से घटकर करीब 670 किमी रह जाएगी।

धार्मिक पर्यटन के लिए ‘गेम-चेंजर’

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है। यह वैष्णो देवी के अलावा सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर (अमृतसर), तरणतारन, गोइंदवाल साहिब और खडूर साहिब जैसे कई महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों को सीधे जोड़ेगा। आसान और तेज कनेक्टिविटी से इन स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी मजबूती मिलेगी।

दो चरणों में हो रहा है निर्माण

इस विशाल एक्सप्रेसवे का निर्माण दो मुख्य चरणों में किया जा रहा है, जिसे कुल 20 पैकेज में बांटा गया है।

पहला चरण: यह दिल्ली से गुरदासपुर तक करीब 397 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है। ग्रीनफील्ड का मतलब है कि इसे पूरी तरह से नई जमीन पर विकसित किया जा रहा है।

दूसरा चरण: यह गुरदासपुर से कटरा तक लगभग 99 किलोमीटर लंबा है। इस हिस्से में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है, यानी कुछ नए हिस्से बनेंगे और कुछ मौजूदा सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा।

हरियाणा स्ट्रेच के खुलने के साथ ही इस एक्सप्रेसवे का जमीनी फायदा लोगों को मिलना शुरू हो गया है। उम्मीद है कि आने वाले समय में इसके बाकी हिस्से भी तेजी से पूरे होंगे, जो उत्तर भारत के विकास को एक नई रफ्तार देंगे।

Gaurav Sharma
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